इसमे विशेषकर महिला छात्रावासों की ओर ध्यान केंद्रित किया
एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में छात्रा की मौत का जिक्र भी किया
दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने से छात्रों की मौत के मामले को लेकर मंगलवार को दिशा छात्र संगठन ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। छात्र संघ भवन के सामने हुए प्रदर्शन में छात्रों ने शैक्षणिक संस्थानों और छात्रावासों की जर्जर इमारतों की तत्काल मरम्मत कराने तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। इसमे विशेष कर महिला छात्रावासों कि समस्याओं की ओर विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान केंद्रित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रशासन की लापरवाही के कारण विद्यार्थियों की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती। प्रदर्शन का संचालन करते हुए सुहानी ने कहा कि सत्य निकेतन में इमारत गिरने से हुई छात्रों की मौत को महज हादसा बताकर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता।
उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताते हुए कहा कि जर्जर भवनों की समय रहते जांच और मरम्मत कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। छात्रों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। प्रियांशु ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार गंभीर सवाल उठ रहे हैं। वर्ष 2024 में एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने की घटना में छात्रों की मौत हुई थी। इसके अलावा लखनऊ में आग लगने जैसी घटनाओं में भी विद्यार्थियों की जान जा चुकी है। ऐसी घटनाएं बताती हैं कि संस्थानों में सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक निगरानी को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि हादसों में जान गंवाने वाले विद्यार्थी महज आंकड़े नहीं हैं। वे बेहतर भविष्य का सपना लेकर पढ़ाई कर रहे युवा थे। प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार की कीमत विद्यार्थियों को अपनी जान देकर नहीं चुकानी चाहिए। उन्होंने देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में जर्जर भवनों की तत्काल जांच और मरम्मत की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो देशव्यापी जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय की इमारतों पर भी उठाए सवाल
चंद्र प्रकाश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि परिसर में कई इमारतें जर्जर अवस्था में हैं। कक्षाओं के भवनों के साथ ही कुछ छात्रावासों की स्थिति भी चिंताजनक है। ऐसे भवन किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय जर्जर भवनों का सर्वे कराकर तत्काल मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। दिशा छात्र संगठन ने चेतावनी दी कि छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से जर्जर भवनों को तत्काल दुरुस्त कराने और सुरक्षा मानकों को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की। प्रदर्शन में सुहानी, अमन, प्रियांशु, चंद्र प्रकाश, ज्योति, आकाश, विन्द्रेश आदि मौजूद रहे।
रिपोर्ट:आकाश त्रिपाठी



