फुटपाथ की रेलिंग में लगे लाखों का लोहा गायब

Iron worth lakhs missing from footpath railings.

Uploaded by Akash Tripathi

महाकुंभ के पूर्व शहर को स्मार्ट बनाने के लिए लगाई गई थी हर तरफ रेलिंग
धार्मिक मेला स्मार्ट सिटी खत्म होने के बाद संरक्षण कार्य भूल गए हैं जिम्मेदार
शहर की सड़कों पर स्मार्ट सिटी के तहत किनारे-किनारे लगाई गई लोहे की रेलिंग से बीच का हिस्सा गायब हो गया है। पूरे शहर के अधिकांश हिस्से में यह हालात देखाई दे रहे हैं। जिस तरह से रेलिंग के लोहे गायब हैं उसे देखते हुए कहना गलत नहीं होगा कि लाखों का लोहा अब तक चोरी हो चुका है। फिर भी इसकी निगरानी व संरक्षण को लेकर नगर निगम एवं स्मार्ट सिटी कोई कदम नहीं उठा रहा है। यह कारनामा नशेड़ियों और कबाड़ का कारोबाद करने वाले कुछ लोगों का माना जा रहा है।

महाकुंभ के पूर्व शहर को स्मार्ट व खूबसूरत बनाने के लिए सरकार के द्वारा पानी की तरह पैसा बहाया गया। सड़कें चौड़ी की गई और फुटपाथ बनाकर किनारे-किनारे लोहे की रेलिंग लगा दी गई। स्मार्ट सिटी के नवाचार का यह कार्य कुछ दिनों के लिए शहर को कुछ ही सही खूबसूरत बना दिया गया। महाकुंभ बीतने के बाद इसके संरक्षण पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उपेक्षा व निगरानी के अभाव में पूरे शहर के अंदर जगह-जगह रेलिंग के बीच में लगे होले तोड़कर या रात विरात काटकर कुछ नशेड़ी और कबाड़ का काम करने वाले गायब कर दिए। ऐसा मैं आसपास के लोगों का कहना है। सब कुछ खुली आंखों से दिखाई देने के बावजूद नगर निगम के अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि उपेक्षा का यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में पूरी रेलिंग का लोहा गायब हो जाएगा। हैरान करने वाली बात यह है कि सरकारी सम्पत्ति को डैमेज करके चंद शातिर लोहा गायब कर दे रहे हैं और विभाग पर कोई फर्म ही नहीं पड़ रहा है। इससे एक तो शहर की खूबसूरती बिगड़ रही है। ऊपर से सरकार की सम्पत्ति का नुकसान हो रहा है। तीसरे यह कि फुटपाथ पर चलने वालों के लिए भी यह हालात नुकसानदेह साबित हो रहे हैं। यह हालात एकलव्य चौराहे से सुभाष चौराहे तक जाने वाली रोड, म्योहाल से हाईकोर्ट रोड, लोकसेवा आयोग से बालसन की ओर जाने की सड़क, म्योहाल से तेलियरगंज फाफामऊ रोड, एयरपोर्ट के आसपास की सड़कों के किनारे लगी रेलिंग को देखा जा सकता है।

 

स्मार्ट सिटी में शुमार इस शहर के अंदर सड़कों के किनारे लगाई गई लोहे की रेलिंग के बीच का हिस्सा गायब हो गया है। इसे गायब करने वाले कुछ कबाड़ का व्यापार करने वाले तो कुछ नशेड़ी किस्म के लोग हैं। इस तरह नगर निगम व जिला प्रशासन का ध्यान नहीं जा रहा है।
उज्जवल टंडन, व्यापारी चौक

शहर को सजाने और संवारने के नाम पर करोड़ों रुपये पानी की तरह नवाचार पर खर्च कर दिए गए। मगर उसकी प्रॉपर निगरानी नहीं होने से अधिकांश कार्य निरर्थक साबित हो रहे हैं। रेलिंग में लगे लाखों के लोहे गायब हो गए हैं। यह रेलिंग के बीच का लोहा खुद से टूटा होता तो टुकड़े आसपास ही होते।
मनोज सिंह लोकेश, एडवोकेट

नगर निगम को चाहिए कि इस तरफ गंभीरता से ध्यान देते हुए अज्ञात ही सही चोरों के खिलाफ केस दर्ज कराए। साथ ही इसकी निगरारनी के लिए टीम गठित करे। आखिर यह लोहा काटकर चोरी कर कौन रहा है। रेलिंग के लोहे एक दो जगह नहीं शहर के अधिकांश हिस्सो से गायब हो चुके हैं।
विपिन कुमार, एडवोकेट

धूमनगंज एरिया में भी सड़क किनारे महाकुंीा के पूर्व स्मार्ट सिटी के तहत लगाई गई रेलिंग के होले गायब हैं। एयरपोर्ट रोड के किनारे तो इस रेलिंग के बीच में मनों लोहा था ही नहीं। काम कराने के बाद उसके संरक्षण पर ध्यान नहीं दिया जाना और कोई कदम नहीं उठाने से लोहा गायब कर रहे लोग मनबढ़ हो गए हैं।
अनूप श्रीवास्तव, ट्रांसपोर्टर

जहां भी रेलिंग के लोहे गाबय हैं उन स्थानों को चिन्हित कराकर सुधार कराया जाएगा। नगर निगम की सम्पत्ति आम पब्लिक की है। लोहा गायब करने वालों की सूचना लोग नगर निगम को दें। उनका नाम गोपनीय रखा जाएगा और चोरी करने वालों पर कार्रवाई भी कराई जाएगी।
उमेशचंद्र गणेश केसरवानी, महापौर

रिपोर्ट:मुकेश चतुर्वेदी

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