उपमुख्मंत्री केशव प्रसाद मौर्य न दीप प्रज्ज्वलित कर किया कार्यक्रम का उद्घाटन
बिरहा गायन और कवि सम्मेलन का आज होगा आयोजन
नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के उद्देश्य से प्रयागराज में 6 से 8 सितंबर तक तीन दिवसीय लोक संस्कृति उत्सव का आयोजन उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र में किया जा रहा है। व्यंजना आर्ट एंड कल्चर सोसाइटी और संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित उत्सव का पहला दिन लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक कलाओं की प्रस्तुतियों से सराबोर रहा।
सांस्कृतिक संध्या में मुख्य अतिथि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। व्यंजना आर्ट एंड कल्चर सोसाइटी की संस्थापक मधु शुक्ला ने उनका आत्मीय स्वागत किया। मौर्य ने कहा कि लोक संस्कृति हमारी पहचान है और इसके संरक्षण एवं संवर्धन की जरूरत है। उन्होंने एनसीजेडसीसी के निदेशक से आयोजन को और व्यापक बनाने की बात कही और सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस में भी लोककला का समावेश है और लोककलाओं को जीवंत बनाए रखने के लिए सरकार संकल्पित है। कार्यक्रम के दौरान मधु शुक्ला, डॉ. मृत्युंजय राव परमार, श्रेयश शुक्ला, शांभवी शुक्ला सहित कला एवं साहित्य जगत की कई गणमान्य सदस्य मौजूद रहें।

कार्यक्रम में व्यंजना के बच्चों ने लोकगीत ‘सोना झरल, ‘बामन बनगयो कृष्ण मुरारी और ‘ऐसे बरखा मां बदरिया धनधोर प्रस्तुत किए। लोकनृत्य में ‘बरसन लगी बजरिया ने दर्शकों की तालियां बटोरीं। वृंदावन की गायिका आस्था गोस्वामी ने ब्रज-अवधी लोकधुनों से समां बांधा। गाजीपुर से आए जीवन राम व सहयोगियों ने धोबिया नृत्य प्रस्तुत किया। दिन के सत्र में लोकगीत और चित्रकला प्रतियोगिताएं भी हुईं। आयोजकों के अनुसार 400 से अधिक कला प्रेमी व स्थानीय नागरिक कार्यक्रम में पहुंचे। सोमवार को लोकगायक दिनेश यादव साथियों के साथ बिरहा प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद डॉ. सरिता शर्मा, डॉ. विनम्र सेन, डॉ. कमलेश राय, समीर शुक्ला और डॉ. श्लेष गौतम काव्य पाठ करेंगे।
रिपोर्ट:आकाश त्रिपाठी



