Jio 10 Years Anniversary : जियो ने यूपी और उत्तराखंड के टेलीकॉम सेक्टर को बदला, एक दशक में जोड़े 7 करोड़ से ज्यादा मोबाइल यूजर्स

Jio 10 Years Anniversary : रिलायंस जियो ने यूपी ईस्ट, यूपी वेस्ट और उत्तराखंड में टेलीकॉम सेक्टर को बदलते हुए एक दशक में 7 करोड़ से ज्यादा मोबाइल यूजर्स जोड़े। जानें जियो के 10 साल के सफर और आंकड़ों की पूरी कहानी।

Jio 10 Years Anniversary : रिलायंस जियो ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के टेलीकॉम सेक्टर में पिछले एक दशक के दौरान बड़ा बदलाव किया है। उत्तर प्रदेश ईस्ट (यूपी ईस्ट) और उत्तर प्रदेश वेस्ट (यूपी वेस्ट) सर्विस एरिया में कमर्शियल लॉन्च के बाद जियो सबसे तेज गति से बढ़ने वाले टेलीकॉम ऑपरेटर के रूप में उभरा है। यूपी वेस्ट सर्विस एरिया में उत्तराखंड भी शामिल है।

रिलायंस जियो 5 सितंबर 2026 को अपने कमर्शियल ऑपरेशन के 10 वर्ष पूरे कर रहा है। सितंबर 2016 में टेलीकॉम बाजार में प्रवेश करने वाली कंपनी ने अगस्त 2016 में शून्य मोबाइल सब्सक्राइबर बेस से शुरुआत की थी। इसके बाद जियो ने दोनों सर्विस एरिया में तेजी से अपनी पहुंच बढ़ाई और जून 2026 तक 7 करोड़ से अधिक मोबाइल यूजर्स जोड़ लिए।

पहले महीने में 17.4 लाख से जून 2026 तक 7.10 करोड़ यूजर्स

जियो ने अपने कमर्शियल लॉन्च के पहले महीने सितंबर 2016 में यूपी ईस्ट और यूपी वेस्ट सर्विस एरिया में कुल 17.4 लाख मोबाइल यूजर्स दर्ज किए थे। जून 2026 तक यह संख्या बढ़कर 7.10 करोड़ हो गई।

इस तरह एक दशक से भी कम समय में कंपनी ने 6.92 करोड़ मोबाइल यूजर्स की शुद्ध बढ़ोतरी दर्ज की। इस अवधि में जियो की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 46.2 प्रतिशत रही, जो पहले से मौजूद प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटरों की तुलना में अधिक बताई गई है।

यूपी ईस्ट और यूपी वेस्ट में सबसे बड़ा ऑपरेटर

जून 2026 तक जियो यूपी ईस्ट और यूपी वेस्ट दोनों सर्विस एरिया में अलग-अलग और संयुक्त रूप से सबसे बड़ा टेलीकॉम ऑपरेटर बनकर उभरा है।

दोनों सर्विस एरिया में कुल 17.85 करोड़ वायरलेस मोबाइल कनेक्शन में जियो की हिस्सेदारी करीब 39.8 प्रतिशत है। कंपनी के पास यूपी ईस्ट में लगभग 4.48 करोड़ मोबाइल यूजर्स हैं, जबकि यूपी वेस्ट सर्विस एरिया, जिसमें उत्तराखंड भी शामिल है, में करीब 2.62 करोड़ मोबाइल यूजर्स जुड़े हुए हैं।

38 लाख से अधिक घर और व्यावसायिक परिसर जुड़े

मोबाइल सेवाओं के साथ जियो ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में होम ब्रॉडबैंड नेटवर्क का भी तेजी से विस्तार किया है। जून 2026 तक कंपनी ने दोनों सर्विस एरिया में 38 लाख से अधिक घरों और व्यावसायिक परिसरों को जियो फाइबर और जियो एयर फाइबर सेवाओं से जोड़ा है।

यूपी ईस्ट में करीब 19 लाख घरों और व्यावसायिक परिसरों तक जियो की ब्रॉडबैंड सेवाएं पहुंच चुकी हैं। वहीं यूपी वेस्ट में भी 19 लाख से अधिक परिसर जियो फाइबर और जियो एयर फाइबर नेटवर्क से जुड़े हैं। कंपनी इस क्षेत्र के होम ब्रॉडबैंड सेगमेंट में मजबूत स्थिति में है।

सुदूर और पिछड़े इलाकों तक पहुंचाया नेटवर्क

जियो ने उत्तर प्रदेश के सुदूरवर्ती और अपेक्षाकृत पिछड़े क्षेत्रों में भी अपने नेटवर्क का विस्तार किया है। बांदा, श्रावस्ती, चित्रकूट, सोनभद्र और ओबरा जैसे क्षेत्रों में सघन टावर नेटवर्क स्थापित किए गए हैं।

इस विस्तार से बड़ी आबादी को डिजिटल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने और उन्हें देश की डिजिटल मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिली है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं की पहुंच बढ़ने से डिजिटल समावेश को भी गति मिली है।

देशभर में जियो के 53.33 करोड़ ग्राहक

जून 2026 तक देशभर में जियो के लगभग 53.33 करोड़ ग्राहक हैं, जिनमें करीब 28.5 करोड़ 5जी ग्राहक शामिल हैं।

जियो के लॉन्च से पहले भारत में कॉल रेट और मोबाइल डेटा की कीमतें ग्राहकों के लिए बड़ी चिंता का विषय थीं। कंपनी ने किफायती डेटा और मुफ्त वॉयस कॉलिंग की रणनीति के साथ बाजार में प्रवेश किया, जिसके बाद भारतीय टेलीकॉम बाजार में व्यापक बदलाव देखने को मिला।

एक दशक पहले तक मोबाइल डेटा का इस्तेमाल सीमित था और ग्राहक इसकी खपत को काफी सावधानी से करते थे। जियो के आने के बाद डेटा की उपलब्धता और कीमतों में बदलाव के साथ भारत में इंटरनेट उपयोग तेजी से बढ़ा।

1 जीबी डेटा की कीमत 228 रुपये से घटकर करीब 7.9 रुपये

वर्ष 2016 में भारत में प्रति सब्सक्राइबर औसत मासिक मोबाइल डेटा खपत 0.2 जीबी से कम थी। उस समय एक जीबी मोबाइल डेटा की औसत कीमत करीब 228 रुपये थी और 4जी नेटवर्क तक पहुंच रखने वाले भारतीयों की संख्या एक करोड़ से भी कम थी।

उस समय औसत डाउनलोड स्पीड करीब 2.5 एमबीपीएस के आसपास थी। इसके बाद भारत के टेलीकॉम बाजार और इंटरनेट उपयोग के तरीके में तेजी से बदलाव आया।

एक दशक बाद एक जीबी डेटा की कीमत करीब 7.9 रुपये बताई जा रही है, जो पहले की तुलना में लगभग 97 प्रतिशत कम है। देश में सक्रिय 4जी और 5जी सब्सक्राइबर्स की संख्या बढ़कर करीब 93.8 करोड़ हो गई है।

जियो के नेटवर्क पर एक औसत ग्राहक अब प्रति माह करीब 43.7 जीबी डेटा का उपयोग करता है। यह आंकड़ा भारत में इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती खपत को दर्शाता है।

क्लाउड-नेटिव 5जी नेटवर्क पर जोर

टेलीकॉम नेटवर्क की पिछली पीढ़ियां मुख्य रूप से आयातित और प्रोप्राइटरी हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर पर आधारित रही हैं। इसके कारण भारतीय टेलीकॉम ऑपरेटरों को उपकरणों, तकनीकी अपग्रेड और नेटवर्क रोडमैप के लिए विदेशी वेंडर्स पर निर्भर रहना पड़ता था।

जियो अब एंड-टू-एंड और क्लाउड-नेटिव स्टैंडअलोन 5जी नेटवर्क के विकास पर निवेश कर रहा है। कंपनी का फोकस भारत की भौगोलिक और नेटवर्क आवश्यकताओं के अनुरूप डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में जियो की एक दशक की यात्रा केवल मोबाइल ग्राहकों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं रही है, बल्कि इसने किफायती डेटा, तेज इंटरनेट, ब्रॉडबैंड विस्तार और दूरदराज के क्षेत्रों तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

Show More

Related Articles

Back to top button