
Gandhi Manuscript : महात्मा गांधी से जुड़ी ऐतिहासिक पांडुलिपि ने नीलामी में नया रिकॉर्ड बनाया है। गांधी की ओर से लिखी गई 688 हस्ताक्षरित टिप्पणियों का संग्रह ₹16.20 करोड़ में नीलाम हुआ। यह नीलामी Saffronart ने आयोजित की थी। नीलामी में बोली लगाने वाले विजेता की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
सबसे खास बात यह है कि नीलामी घर के अनुसार, यह ऐतिहासिक पांडुलिपि भारत में ही रहेगी । खरीदार भारत का ही बताया गया है।
23 महीने में लिखी गई थीं 688 टिप्पणियां
इस संग्रह का नाम ‘A Thought for the Day’ है। इसमें महात्मा गांधी ने अपने करीबी सहयोगी और स्वतंत्रता सेनानी आनंद टी. हिंगोरानी के लिए 23 महीनों के दौरान 688 दैनिक संदेश और विचार लिखे थे।
हिंगोरानी की पत्नी विद्या के निधन के बाद गांधी ने उन्हें सांत्वना और मार्गदर्शन देने के लिए ये संदेश लिखे थे। बाद में इन विचारों को पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया गया।
दांडी मार्च में शामिल हुए थे आनंद हिंगोरानी
Saffronart के अनुसार, आनंद टी. हिंगोरानी की मुलाकात गांधी से 1930 में हुई थी। उन्होंने साबरमती आश्रम में काम किया और दांडी मार्च में भी हिस्सा लिया था। इसके अलावा वह सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन से भी जुड़े रहे।
हिंगोरानी परिवार ने गांधी से जुड़ी इस विरासत को कई दशकों तक सुरक्षित रखा। नीलामी में इसी संग्रह से जुड़े पत्र, तस्वीरें, पांडुलिपियां और निजी वस्तुएं भी शामिल थीं।
86 लॉट में गांधी से जुड़ी ऐतिहासिक वस्तुएं
‘Gandhi: From the Collection of Anand T Hingorani’ नाम की नीलामी में कुल 86 लॉट रखे गए थे। इनमें गांधी के पत्र, तस्वीरें, पांडुलिपियां और निजी इस्तेमाल की वस्तुएं शामिल थीं।
नीलामी में गांधी के विचारों में सत्य, अहिंसा, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह, धार्मिक समानता, अस्पृश्यता उन्मूलन, रामनाम, कर्तव्य, स्वराज और ईश्वर की खोज जैसे विषय प्रमुख रहे।
गांधी से जुड़ी अन्य वस्तुओं की भी लगी बड़ी बोली
नीलामी में गांधी से जुड़ी कई अन्य वस्तुओं ने भी बड़ी कीमत हासिल की।
- ईश्वर और भगवद्गीता पर गांधी के विचारों से जुड़े तीन दस्तावेज: ₹1.68 करोड़
- पेटी चरखा और दो पत्र: ₹1.02 करोड़
- गांधी की हस्ताक्षरित प्रस्तुति तस्वीर: ₹78 लाख
- आर्थिक स्वतंत्रता से जुड़े पत्र, तार और पोस्टकार्ड: ₹57.60 लाख
भारत में ही सुरक्षित रहेगा ऐतिहासिक दस्तावेज
नीलामी की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि ₹16.20 करोड़ में खरीदा गया गांधी का यह दुर्लभ संग्रह भारत से बाहर नहीं जाएगा। नीलामी घर ने पुष्टि की है कि विजेता खरीदार भारत का है और पांडुलिपि देश में ही रहेगी।
Saffronart के सह-संस्थापक दिनेश वजीरानी ने कहा कि आनंद टी. हिंगोरानी संग्रह गांधी के जीवन और विचारों को एक करीबी व्यक्तिगत संबंध के नजरिए से समझने का दुर्लभ अवसर देता है।



