
Mirzapur News-कभी पानी के लिए दूर-दराज के हैंडपंपों और कुओं पर निर्भर रहने वाले धनीपट्टी गांव की तस्वीर अब बदल गई है। जल जीवन मिशन के तहत गांव के घर-घर तक पाइपलाइन के जरिए पेयजल पहुंचने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। घर की टोटियों से पानी मिलने के कारण विशेष रूप से महिलाओं को रोजाना पानी जुटाने की परेशानी से काफी हद तक निजात मिली है।
जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत जनपद के 12 विकासखंडों में 9 ग्राम समूह पेयजल योजनाओं के माध्यम से कुल 1610 गांवों में जल उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इनमें 1573 गांवों का प्रमाणीकरण भी किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि धनीपट्टी में योजना के तहत सभी 188 ग्रामीण परिवारों के घरों में पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुंच रहा है। लंबे समय से पानी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों के लिए घर तक जल पहुंचना बड़ी राहत साबित हुआ है।
महिलाओं की रोजाना की चिंता हुई दूर
धनीपट्टी निवासी संगीता देवी ने बताया कि पहले पानी लाने के लिए काफी दूर जाना पड़ता था। घर के जरूरी काम छोड़कर पानी जुटाने में काफी समय और मेहनत लगती थी। कई बार बच्चों को भी पानी लाने में लगना पड़ता था, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती थी। अब घर में नल से पानी मिलने के कारण समय की बचत हो रही है और रोजमर्रा के काम आसानी से पूरे हो जाते हैं।
श्यामकुमारी ने बताया कि अब पानी के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। घर पर ही नल से पानी उपलब्ध होने से काफी सुविधा हुई है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल मिलने से जलजनित बीमारियों में भी कमी आई है। नियमित रूप से साफ पानी मिलने से लोगों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ा है और इलाज में होने वाला खर्च भी कम हुआ है।
पानी की चिंता से मिली राहत
ग्रामीण महिला शंकरदेई ने बताया कि पहले पानी की कमी के कारण ग्रामीणों, खासकर महिलाओं को हर दिन पानी की व्यवस्था की चिंता रहती थी। घर-घर नियमित जलापूर्ति शुरू होने के बाद यह परेशानी काफी हद तक समाप्त हो गई है। इससे महिलाओं का समय बचने के साथ मानसिक तनाव भी कम हुआ है और उनका जीवन पहले की अपेक्षा अधिक सहज हो गया है।
जल जीवन मिशन के तहत घरों तक पहुंचा नल का पानी ग्रामीणों के लिए केवल पेयजल की सुविधा नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य, समय की बचत और जीवन में बदलाव का माध्यम बन रहा है।
मीरजापुर से सत्येन्द्र कुमार मिश्र की रिपोर्ट।



