
Amethi News: अमेठी जिले के बाजार शुकुल क्षेत्र में रुदौली मार्ग स्थित एक निजी अस्पताल में महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। घटना के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को लेकर परिजनों से बातचीत की।
जानकारी के अनुसार, बाजार शुकुल क्षेत्र की ग्राम पंचायत गयासपुर के पूरे भाऊ गांव निवासी कहैन्या पासी अपनी पत्नी सुनीता का पित्त की पथरी का ऑपरेशन कराने के लिए इन्दिरा हॉस्पिटल पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती करने के बाद बिना पर्याप्त जांच के इलाज शुरू किया गया। उनका कहना है कि ऑपरेशन के लिए करीब 41 हजार रुपये में बात तय हुई थी और महिला को कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रखा गया।
परिजनों के मुताबिक, महिला की हालत बिगड़ने के बाद सोमवार शाम अस्पताल में ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव को लेकर घर चले गए। घटना के संबंध में मृतका के पति की ओर से पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर पंचनामा और आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई।
पुलिस ने पोस्टमार्टम और कार्रवाई की बात कही
मंगलवार को पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों से पोस्टमार्टम कराने और मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही। हालांकि, देर शाम तक मामले में किसी अंतिम कार्रवाई या सहमति की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी।
अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों से किया इनकार
वहीं, अस्पताल के डॉ. बीके शर्मा ने परिजनों के आरोपों को खारिज किया। उनका कहना है कि महिला का ऑपरेशन कहीं और कराया गया था और उसे गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। डॉक्टर के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती करने से भी मना किया गया था।
दूसरी ओर, परिजनों का दावा है कि अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी ओर से आवश्यक जांच नहीं कराई गई और उन्हें इलाज से संबंधित पर्याप्त दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए।
जांच के बाद ही सामने आएगी वास्तविक स्थिति
महिला की मौत को लेकर परिजनों और अस्पताल प्रबंधन के दावों में अंतर है। ऐसे में मौत की वास्तविक वजह और इलाज में किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
स्थानीय लोगों ने भी अस्पताल की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यदि अस्पताल में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित विभाग को नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए। फिलहाल मामले में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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