Akhand Bharat : भारत के खिलाफ जरदारी का नया नैरेटिव? ‘अखंड भारत’ और हिंदुओं पर दिया बयान

Akhand Bharat : पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने दावा किया कि पाकिस्तान के हिंदू भारत जाने के बजाय पाकिस्तान में रहना पसंद करेंगे। उन्होंने ‘अखंड भारत’ का भी जिक्र किया।

Akhand Bharat : पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने अपने देश के हिंदू समुदाय को लेकर बड़ा दावा किया है। पाकिस्तान के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 14 अगस्त को एक कार्यक्रम में बोलते हुए जरदारी ने कहा कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू भारत जाने के बजाय पाकिस्तान में ही रहना पसंद करेंगे।

जरदारी ने भारत और पाकिस्तान की सोच को अलग बताते हुए ‘अखंड भारत’ का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान में हिंदू अपने धर्म का पालन करने के लिए स्वतंत्र हैं और देश में उनकी आबादी करीब 4 प्रतिशत है।

‘भारतीय अखंड भारत में विश्वास करते हैं, लेकिन हम मुसलमान हैं’

अपने भाषण में जरदारी ने कहा कि भारत के लोग ‘अखंड भारत’ की अवधारणा में विश्वास करते हैं, जबकि पाकिस्तान की सोच अलग है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू उतने ही स्वतंत्र हैं जितने दुनिया के किसी अन्य हिस्से में रहने वाले लोग।

जरदारी ने दावा किया कि पाकिस्तान के हिंदू भारत जाने के बजाय पाकिस्तान में रहना पसंद करेंगे। हालांकि, यह जरदारी का राजनीतिक दावा है और उन्होंने इसके समर्थन में कोई सर्वेक्षण या आंकड़े पेश नहीं किए।

भारत-पाकिस्तान संबंधों के संदर्भ में दिया बयान

जरदारी का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण हैं। दोनों देशों के बीच कश्मीर, सीमा सुरक्षा, आतंकवाद और जल संसाधनों को लेकर विवाद जारी हैं।

पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी अपने संबोधन में भारत के साथ संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान युद्ध नहीं चाहता और शांति चाहता है, लेकिन शांति की इच्छा को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।

शहबाज शरीफ ने सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाया

शहबाज शरीफ ने भारत पर सिंधु जल संधि को एकतरफा और गैरकानूनी तरीके से निलंबित करने का आरोप लगाया। उन्होंने पाकिस्तान के जल अधिकारों को देश की ‘रेड लाइन’ बताया।

भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव भी बढ़ा था।

कश्मीर का भी किया जिक्र

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कश्मीर का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने अफगानिस्तान से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि उसकी जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के लिए न हो।

शरीफ ने सऊदी अरब और तुर्की के साथ पाकिस्तान के त्रिपक्षीय रक्षा समझौते का भी उल्लेख किया और इसे पाकिस्तान की बढ़ती क्षेत्रीय भूमिका से जोड़कर पेश किया।

ट्रंप को युद्धविराम के लिए दिया धन्यवाद

शहबाज शरीफ ने भारत-पाकिस्तान के बीच पिछले वर्ष हुए सैन्य टकराव को समाप्त कराने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका के लिए उनका धन्यवाद किया। हालांकि, भारत ने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावे को स्पष्ट रूप से खारिज किया है।

जरदारी ने अपने स्वतंत्रता दिवस संदेश में पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाओं की भी प्रशंसा की। उनके बयान से एक बार फिर भारत-पाकिस्तान संबंधों, कश्मीर और दोनों देशों की अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं को लेकर बहस तेज होने की संभावना है।

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