
Prayagraj News : प्रयागराज के चांदपुर सोराम निवासी सेना के हवलदार संदीप कुमार द्विवेदी का बुधवार को सैनिक सम्मान के साथ रसूलाबाद श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। उनके अंतिम विदाई के दौरान परिवार, रिश्तेदारों, ग्रामीणों और परिचितों की आंखें नम रहीं। छोटे भाई पवन कुमार द्विवेदी ने मुखाग्नि दी।
44 वर्षीय संदीप कुमार द्विवेदी वर्तमान में सेंट्रल कमांड, लखनऊ में तैनात थे। दो दिन पूर्व हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया था। उनके पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मिलनसार स्वभाव के लिए थे लोकप्रिय
संदीप कुमार अपने मिलनसार और सहज व्यवहार के लिए परिवार और गांव में खास पहचान रखते थे। परिचितों के मुताबिक वह हर किसी का सम्मान करते और हमेशा मुस्कुराते हुए मिलते थे। उनके अचानक निधन से गांव में हर कोई स्तब्ध है। लोगों के बीच यही चर्चा रही कि इतनी कम उम्र में एक हंसता-मुस्कुराता और मिलनसार इंसान इस तरह अचानक दुनिया से विदा हो जाएगा, किसी ने सोचा भी नहीं था।
परिवार में मां, पत्नी और चार बच्चे
संदीप कुमार के परिवार में उनकी मां, पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटा हैं। पिता शिवमूरत द्विवेदी का करीब चार वर्ष पूर्व निधन हो चुका था। अब परिवार की जिम्मेदारी उनके पीछे रह गए परिजनों पर आ गई है।
तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को दी अंतिम विदाई
अंतिम संस्कार के दौरान सेना की ओर से उन्हें सैनिक सम्मान दिया गया। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई देते समय माहौल बेहद भावुक हो गया। परिवार के सदस्यों के साथ ग्रामीणों और साथियों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
देशसेवा को समर्पित रहा सैन्य जीवन
संदीप कुमार का सैन्य जीवन देशसेवा को समर्पित रहा। उनकी अंतिम विदाई ने परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया। गांव के लोगों ने कहा कि संदीप की मुस्कुराहट, सरल स्वभाव और सबको सम्मान देने की आदत हमेशा उनकी यादों में जीवित रहेगी।



