
Rahul Gandhi: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रयागराज में छात्रों से मुलाकात के बाद केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने एक छात्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्षों की मेहनत, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और परिवार की आर्थिक कुर्बानी के बावजूद जब किसी युवा को सफलता नहीं मिलती तो इसे केवल उसकी असफलता नहीं कहा जा सकता। राहुल गांधी ने कहा कि यह उस व्यवस्था की हार है, जो मेहनत करने वाले छात्रों को उनकी मेहनत का उचित परिणाम देने में विफल रही।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रयागराज में मिले एक छात्र का जिक्र किया। उनके मुताबिक, छात्र ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में कई साल लगाए और इसके लिए उसके परिवार को जमीन तक बेचनी पड़ी। इसके बावजूद उसे सफलता नहीं मिली और परिवार पर कर्ज बढ़ गया।
‘यह उसकी नहीं, उस सिस्टम की हार है’
राहुल गांधी ने कहा कि जब कोई युवा पूरी मेहनत करने के बाद भी परीक्षा व्यवस्था की कमियों के कारण अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाता, तो सवाल केवल छात्र की क्षमता पर नहीं उठना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियां उस सिस्टम पर सवाल खड़ा करती हैं, जो छात्रों को निष्पक्ष और पारदर्शी अवसर देने की जिम्मेदारी निभाता है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से जवाब देना चाहिए। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और छात्रों के आंदोलनों को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।
अमित शाह पर भी राहुल गांधी का निशाना
राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलनों को लेकर कई दिन बीत जाने के बावजूद केंद्र सरकार की ओर से पर्याप्त जवाब नहीं दिया गया।
राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और पैलेट के इस्तेमाल का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर जवाब देना चाहिए।
उन्होंने छात्रों को देश की ‘रोशनी’ बताते हुए कहा कि वह उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। राहुल ने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं को सुना जाना चाहिए।
प्रयागराज में छात्रों से किया संवाद
इससे एक दिन पहले राहुल गांधी प्रयागराज पहुंचे थे, जहां उन्होंने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों से कहा कि व्यवस्था में बदलाव नफरत के जरिए नहीं बल्कि प्रेम और भाईचारे के जरिए किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने रोजगार और युवाओं के भविष्य को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उद्योगपति गौतम अदाणी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की तस्वीरों का हवाला देते हुए मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा नहीं हो रहे हैं और युवाओं के सामने लगातार चुनौतियां बढ़ रही हैं। उन्होंने छात्रों से अपनी आवाज मजबूती से उठाने और व्यवस्था में बदलाव के लिए लोकतांत्रिक तरीके अपनाने की अपील की।
परीक्षा व्यवस्था और छात्रों का भविष्य बना बड़ा मुद्दा
प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों को लेकर देश के कई हिस्सों में छात्र विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। ऐसे में राहुल गांधी का प्रयागराज दौरा और छात्रों से संवाद राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कांग्रेस नेता लगातार परीक्षा व्यवस्था, रोजगार और युवाओं के भविष्य के मुद्दों को केंद्र सरकार के खिलाफ उठा रहे हैं। अब देखना होगा कि सरकार की ओर से राहुल गांधी के इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।



