CM Yogi Adityanath: लखनऊ में 12 हजार करोड़ की बड़ी सौगात, CM योगी ने वरुण विहार और नैमिष नगर का किया भूमिपूजन

CM Yogi Adityanath: वरुण विहार और नैमिष नगर परियोजनाओं के जरिए लखनऊ में नए शहरी विकास की नींव रखी गई है। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से आवास, कनेक्टिविटी और रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।

CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को बड़े शहरी विस्तार की दिशा में एक और अहम सौगात मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को राजधानी में दो विशाल आवासीय योजनाओं—वरुण विहार और नैमिष नगर—का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही पांच ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं की भी आधारशिला रखी गई। इन सभी परियोजनाओं पर कुल मिलाकर करीब 12 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए योजनाबद्ध विकास समय की जरूरत है। इसी उद्देश्य से लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं से लैस नए आवासीय क्षेत्रों का निर्माण किया जा रहा है।

10 हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित होंगी योजनाएं

सरकारी जानकारी के अनुसार, वरुण विहार परियोजना करीब 6500 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी। वहीं नैमिष नगर योजना लगभग 4100 एकड़ क्षेत्र को कवर करेगी। इस तरह दोनों योजनाएं मिलाकर 10,600 एकड़ से अधिक क्षेत्र में नए शहरी ढांचे का निर्माण करेंगी।

इन परियोजनाओं में आवासीय प्लॉट, चौड़ी सड़कें, हरित क्षेत्र, जल निकासी व्यवस्था, सार्वजनिक सुविधाएं और आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि योजनाओं का उद्देश्य केवल आवास उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित और टिकाऊ शहरी वातावरण तैयार करना है।

पांच हाईराइज प्रोजेक्ट्स की भी रखी गई आधारशिला

मुख्यमंत्री ने करीब 2,166 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पांच बहुमंजिला आवासीय प्रोजेक्ट्स का भी शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं से राजधानी में आधुनिक फ्लैट संस्कृति को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

लखनऊ विकास प्राधिकरण ने दोनों योजनाओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। प्रस्तावित दरें लगभग 2800 रुपये से 3800 रुपये प्रति वर्गफुट के बीच निर्धारित की गई हैं।

राजधानी क्षेत्र के विकास पर सरकार का फोकस

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) की अवधारणा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ के साथ-साथ उन्नाव, सीतापुर, हरदोई, बाराबंकी और रायबरेली को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।

सरकार का लक्ष्य इन जिलों में बेहतर सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक परिवहन, शिक्षा, पर्यटन और निवेश के अवसर विकसित करना है। इसके अलावा आईटी और सेवा क्षेत्र से जुड़े निवेश को आकर्षित करने की भी योजना है।

अनियोजित बसावट पर जताई चिंता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अनियोजित शहरी विस्तार कई समस्याओं को जन्म देता है। अक्सर लोग ऐसी जगहों पर जमीन खरीद लेते हैं जहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं होतीं। बाद में सड़क, पानी, बिजली और जलनिकासी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुनियोजित शहरों का निर्माण किया जाना जरूरी है, ताकि नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर और आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।

लखनऊ के विस्तार को मिलेगी नई रफ्तार

विशेषज्ञों का मानना है कि वरुण विहार और नैमिष नगर जैसी बड़ी परियोजनाएं राजधानी के रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को नई गति दे सकती हैं। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।

इन योजनाओं के पूरा होने के बाद लखनऊ का शहरी दायरा और अधिक विस्तृत होगा तथा राजधानी को एक आधुनिक और व्यवस्थित महानगर के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।

written by Siddhi Srivastava
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