
India Sri Lanka Dengue Aid: भारत ने एक बार फिर अपनी ‘नेबरहुड फर्स्ट’ (पड़ोसी प्रथम) नीति के तहत संकट की घड़ी में श्रीलंका का साथ निभाते हुए मानवीय सहायता का हाथ बढ़ाया है। डेंगू के गंभीर प्रकोप से जूझ रहे श्रीलंका को भारत सरकार ने 500 लीटर टेक्निकल मैलाथियान की खेप भेजी है। इस कीटनाशक का उपयोग बड़े स्तर पर फॉगिंग अभियान में किया जाएगा, जिससे मच्छरों पर नियंत्रण पाने और डेंगू के बढ़ते संक्रमण को रोकने में मदद मिलेगी।
कोलंबो में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने यह सहायता आधिकारिक रूप से श्रीलंका के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नलिंदा जयतिस्सा को सौंपी। यह मदद श्रीलंका सरकार के अनुरोध के बाद तत्काल उपलब्ध कराई गई, जिससे एक बार फिर भारत ने पड़ोसी देशों के प्रति अपनी त्वरित और संवेदनशील प्रतिक्रिया का परिचय दिया।
भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि भारत डेंगू के खिलाफ लड़ाई में श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने लिखा कि भारत सरकार और देश की जनता की ओर से भेजी गई 500 लीटर टेक्निकल मैलाथियान की खेप दोनों देशों के बीच गहरे विश्वास, मित्रता और सहयोग का प्रतीक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सहायता श्रीलंका के डेंगू नियंत्रण अभियान को और प्रभावी बनाएगी।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, श्रीलंका इस समय डेंगू के बड़े संकट का सामना कर रहा है। वर्ष 2026 में अब तक देश में 86 हजार से अधिक डेंगू के मामले दर्ज किए जा चुके हैं। लगातार बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग व्यापक स्तर पर फॉगिंग और मच्छर नियंत्रण अभियान चला रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार मैलाथियान एक प्रभावी कीटनाशक है, जिसका इस्तेमाल मच्छरों की संख्या कम करने और बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए किया जाता है।

श्रीलंका के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नलिंदा जयतिस्सा ने इस सहायता के लिए भारत सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की जनता का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सहयोग श्रीलंका की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ डेंगू के खिलाफ चल रहे अभियान को नई ताकत देगा। उनके अनुसार भारत की यह समय पर मिली मदद हजारों लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में हर संकट के समय श्रीलंका का साथ निभाया है। कोविड-19 महामारी के दौरान वैक्सीन और आवश्यक दवाओं की आपूर्ति, आर्थिक संकट के समय अरबों डॉलर की वित्तीय सहायता, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत सामग्री और अब डेंगू जैसी स्वास्थ्य आपात स्थिति में त्वरित सहयोग, भारत की ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ और ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति का स्पष्ट उदाहरण है।
भारत और श्रीलंका के बीच वर्षों पुराने सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंध रहे हैं। दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य, व्यापार, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में लगातार सहयोग बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की जन-केंद्रित मानवीय पहलें न केवल दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेंगी, बल्कि पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग, स्थिरता और साझा समृद्धि के लक्ष्य को भी नई मजबूती प्रदान करेंगी।



