
Lucknow Kanpur Expressway: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के कुछ ही सप्ताह बाद सड़क धंसने और मरम्मत का वीडियो सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वायरल वीडियो साझा करते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए इसे भाजपा सरकार की “तरक्की” का नया मॉडल बताया।
अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, “ये भाजपाई तरक्की की नई हवा है। कुछ दिनों पहले ही जिसका उद्घाटन हुआ हो, उस सड़क को मरम्मत की जरूरत पड़ गई और एक्सप्रेस स्पीड से मरम्मत को सुखाने के लिए पंखे का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये भी हास्यास्पद है।”
उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि “2-3 हफ्ते में ही जिस एक्सप्रेसवे का दम उखड़ने लगा हो, उस पर चलने का जोखिम कौन उठाएगा?” इसके साथ ही उन्होंने ‘अटल प्रोग्रेस वे’ परियोजना को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि भाजपा शासन में बनने वाले निर्माण कार्य चलने से ज्यादा धंसते, ढहते और गिरते दिखाई दे रहे हैं।
दरअसल, 13 जुलाई को उद्घाटित 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर पिछले कुछ दिनों में कई स्थानों पर सड़क धंसने की घटनाएं सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अब तक 40 से अधिक स्थानों पर पैचवर्क किया जा चुका है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मरम्मत किए गए हिस्से को जल्दी सुखाने के लिए बड़े औद्योगिक पंखों का इस्तेमाल होता दिखाई दे रहा है, जिसे लेकर विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है।
करीब 4,700 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश का सबसे महंगा एक्सप्रेसवे माना जा रहा है। इसकी एक किलोमीटर निर्माण लागत लगभग 75 करोड़ रुपये बताई जा रही है। वहीं, टोल शुल्क को लेकर भी पहले से ही विवाद रहा है। जहां पुराने हाईवे पर एक तरफ का टोल लगभग 95 रुपये था, वहीं इस एक्सप्रेसवे पर एक तरफ के सफर के लिए 275 रुपये का टोल लिया जा रहा है।
इस बीच भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों के अनुसार लगातार भारी बारिश के कारण सड़क के नीचे की मिट्टी में पानी भरने से कुछ हिस्सों में धंसाव हुआ। हालांकि वास्तविक तकनीकी कारणों की विस्तृत जांच कराई जा रही है।
परियोजना में लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद NHAI ने निर्माण कंपनी PNC Infratech के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को कंपनी को ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित करने की संस्तुति भेजी गई है। इसके अलावा परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को हटाया गया है, पूर्व परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया को चार्जशीट जारी की गई है और प्रोजेक्ट से जुड़े तीन अन्य इंजीनियरों पर दो वर्षों तक NHAI एवं मंत्रालय की परियोजनाओं में काम करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
अब यह मामला केवल सड़क की गुणवत्ता तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की सियासत का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही धंसाव की वास्तविक वजह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।



