
Shakti Yadav RJD: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में अंदरूनी खींचतान की चर्चा तेज हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता भाई वीरेंद्र ने हालिया बयान में तेजस्वी यादव के करीबी माने जाने वाले कुछ नेताओं पर निशाना साधा, जिनमें शक्ति यादव का नाम भी प्रमुखता से लिया गया। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगा कि आखिर शक्ति यादव कौन हैं और RJD में उनकी भूमिका क्या है।
कौन हैं शक्ति यादव?
शक्ति यादव राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता और पार्टी के सक्रिय नेताओं में गिने जाते हैं। वे अक्सर टीवी डिबेट, प्रेस कॉन्फ्रेंस और मीडिया मंचों पर RJD का पक्ष रखते दिखाई देते हैं। पिछले कुछ वर्षों में उन्हें तेजस्वी यादव के करीबी नेताओं में माना जाने लगा है, जिसके चलते पार्टी के भीतर उनका प्रभाव भी बढ़ा है।
बांकीपुर उपचुनाव के बाद क्यों बढ़ी चर्चा?
बांकीपुर उपचुनाव में RJD को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। इस चुनाव में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने जीत दर्ज कर बिहार की राजनीति में बड़ा संदेश दिया। चुनाव परिणामों के बाद पार्टी के भीतर रणनीति और नेतृत्व को लेकर सवाल उठने लगे।
इसी बीच भाई वीरेंद्र ने सार्वजनिक रूप से कुछ नेताओं की कार्यशैली पर सवाल उठाए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान RJD के भीतर चल रही गुटबाजी और असंतोष की ओर संकेत करता है।
तेज प्रताप और रोहिणी आचार्य भी उठा चुके हैं सवाल
हाल के महीनों में तेज प्रताप यादव और लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य भी पार्टी के कुछ नेताओं और फैसलों को लेकर अप्रत्यक्ष रूप से नाराजगी जता चुके हैं। ऐसे में शक्ति यादव का नाम लगातार चर्चाओं में बना हुआ है।
क्या RJD में बढ़ रही है अंदरूनी कलह?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों ने RJD के भीतर मौजूद मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया है। हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से अभी तक किसी बड़े विवाद की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन लगातार सामने आ रहे बयानों ने विपक्ष को RJD पर निशाना साधने का मौका जरूर दिया है।
आगे क्या?
बिहार विधानसभा चुनावों से पहले RJD के लिए संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखना बड़ी चुनौती माना जा रहा है। ऐसे में शक्ति यादव समेत पार्टी के प्रमुख नेताओं की भूमिका आने वाले दिनों में और महत्वपूर्ण हो सकती है।



