
Pratapgarh Police Mobile Recovery: प्रतापगढ़ पुलिस ने आधुनिक तकनीक और त्वरित कार्रवाई का शानदार उदाहरण पेश करते हुए 376 गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए। बरामद किए गए मोबाइल फोनों की कुल अनुमानित कीमत करीब 67.68 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस लाइन स्थित साईं कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर और अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) आलोक कुमार ने मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंपे। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी और उन्होंने प्रतापगढ़ पुलिस की कार्यशैली की जमकर सराहना की।
पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) आलोक कुमार के पर्यवेक्षण में जनपद के सभी थानों की साइबर टीमों और सर्विलांस सेल ने CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की तकनीकी सहायता से यह सफलता हासिल की। पुलिस के अनुसार गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन की खोज के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है।
पुलिस ने बताया कि बरामद किए गए 376 मोबाइल फोनों में Vivo के 80, Realme के 46, Oppo के 42, Samsung के 36, Redmi के 30, Tecno और Poco के 15-15, Motorola के 13, OnePlus के 12, Infinix के 9, iQOO के 6, Nothing के 3, Google Pixel और Itel का 1-1 मोबाइल शामिल है। इसके अलावा अन्य कंपनियों के 58 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
मोबाइल बरामदगी के मामले में प्रतापगढ़ पुलिस लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है। पुलिस के अनुसार पिछले महीनों की तुलना में जून में मोबाइल बरामदगी में 65.03 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी, जिससे जनपद की रैंकिंग 40वें स्थान से बढ़कर 10वें स्थान पर पहुंच गई। वहीं जुलाई महीने में मोबाइल बरामदगी का प्रतिशत 87.9 प्रतिशत रहा, जो तकनीकी दक्षता और प्रभावी पुलिसिंग का प्रमाण माना जा रहा है।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी का मोबाइल फोन गुम हो जाए या चोरी हो जाए, तो सबसे पहले संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं और CEIR पोर्टल या संचार साथी ऐप के माध्यम से मोबाइल के IMEI नंबर को ब्लॉक कराएं। इससे मोबाइल का गलत इस्तेमाल रोका जा सकता है और उसे खोजने में पुलिस को काफी मदद मिलती है।
पुलिस ने लोगों को यह भी सलाह दी कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में तुरंत अपने मोबाइल नंबर को ब्लॉक कराएं और यदि मोबाइल बैंकिंग या डिजिटल भुगतान से जुड़ा है तो संबंधित बैंक को भी तुरंत सूचना दें, ताकि किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी से बचा जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार CEIR पोर्टल भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। इस पोर्टल के जरिए गुम या चोरी हुए मोबाइल के IMEI नंबर को पूरे देश में ब्लॉक किया जा सकता है। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस और तकनीकी टीम मोबाइल की लोकेशन ट्रैक कर उसे बरामद करने का प्रयास करती है। सत्यापन पूरा होने पर मोबाइल उसके वास्तविक मालिक को वापस सौंप दिया जाता है।
इस पूरी कार्रवाई में प्रभारी सर्विलांस टीम उपनिरीक्षक अजित सिंह के नेतृत्व में सर्विलांस सेल और जनपद के विभिन्न थानों की साइबर टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस विभाग ने सभी टीमों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग से आमजन को तेजी से राहत पहुंचाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।



