RBI Plastic Currency: RBI ने बताया कब आएंगे ₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोट, जानिए पूरी योजना

RBI Plastic Currency: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश में प्लास्टिक यानी पॉलीमर करेंसी नोटों को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि यदि सभी तैयारियां तय योजना के अनुसार पूरी होती हैं, तो ₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोट वित्त वर्ष 2027-28 (FY28) की शुरुआत में आम लोगों के बीच प्रचलन में आ सकते हैं। फिलहाल इन नोटों को चरणबद्ध तरीके से फील्ड ट्रायल के तहत जारी किया जाएगा।

सरकार से मिल चुकी है मंजूरी

RBI के प्रस्ताव को केंद्र सरकार पहले ही मंजूरी दे चुकी है। शुरुआती चरण में ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के करीब 100-100 करोड़ पॉलीमर नोट फील्ड ट्रायल के लिए जारी किए जाएंगे। इन नोटों का अलग-अलग जलवायु परिस्थितियों, उपयोग और टिकाऊपन के आधार पर परीक्षण किया जाएगा। यदि ट्रायल सफल रहता है, तो इन्हें नियमित रूप से जारी किया जाएगा।

कब आएंगे बाजार में?

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि केंद्रीय बैंक का लक्ष्य अगले वित्त वर्ष यानी FY28 की शुरुआत में इन नोटों को बाजार में उतारने का है। हालांकि यह पूरी तरह फील्ड ट्रायल के परिणामों पर निर्भर करेगा। यदि परीक्षण सफल रहते हैं, तभी बड़े स्तर पर इनकी शुरुआत होगी।

क्यों लाए जा रहे हैं प्लास्टिक नोट?

पॉलीमर नोट सामान्य कागज के नोटों की तुलना में अधिक मजबूत और टिकाऊ माने जाते हैं। ये पानी, नमी और गंदगी से कम प्रभावित होते हैं तथा जल्दी फटते नहीं हैं। इसके अलावा इनमें आधुनिक सुरक्षा फीचर्स जोड़े जा सकते हैं, जिससे नकली नोटों की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है। अंतरराष्ट्रीय अनुभव के अनुसार इनकी उम्र कागज के नोटों की तुलना में काफी अधिक होती है।

क्या पुराने नोट बंद हो जाएंगे?

RBI ने साफ किया है कि फिलहाल कागज के नोटों को बंद करने की कोई योजना नहीं है। नए पॉलीमर नोट मौजूदा कागजी नोटों के साथ ही प्रचलन में रहेंगे। यानी लोगों को अपने पुराने ₹10 और ₹20 के नोट बदलवाने की आवश्यकता नहीं होगी और वे पहले की तरह वैध रहेंगे।

किन देशों में पहले से चल रहे हैं प्लास्टिक नोट?

दुनिया के कई देशों जैसे ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम और न्यूजीलैंड में पॉलीमर नोट पहले से इस्तेमाल किए जा रहे हैं। इन देशों में इन नोटों को लंबी उम्र, बेहतर सुरक्षा और कम रखरखाव लागत के कारण सफल माना गया है। भारत भी अब इसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

क्या होगा इसका असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि पॉलीमर नोटों के इस्तेमाल से नोटों की छपाई और बार-बार बदलने की लागत कम हो सकती है। साथ ही नकली नोटों पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। हालांकि RBI ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव चरणबद्ध तरीके से होगा और ट्रायल के नतीजों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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