Auqib Nabi Story: 10 हजार रुपये से शुरू हुआ सफर, अब टीम इंडिया तक पहुंचे आकिब नबी

पिता डॉक्टर बनाना चाहते थे, लेकिन दोस्त की पहल और कड़ी मेहनत ने बना दिया भारत का नया तेज गेंदबाज

Auqib Nabi Story: जम्मू-कश्मीर के युवा तेज गेंदबाज आकिब नबी की टीम इंडिया तक पहुंचने की कहानी संघर्ष, भरोसे और परिवार के त्याग की मिसाल है। श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किए गए आकिब नबी को यह मौका जसप्रीत बुमराह के चोटिल होने के बाद मिला है। हालांकि इस मुकाम तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं रहा।

आकिब नबी एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। उनके पिता पेशे से शिक्षक हैं और चाहते थे कि उनका बेटा पढ़-लिखकर डॉक्टर बने, ताकि उसका भविष्य सुरक्षित रहे। क्रिकेट को लेकर उनकी शुरुआती सोच सकारात्मक नहीं थी। परिवार पढ़ाई को प्राथमिकता देता था और कई बार ऐसा भी हुआ जब आकिब को पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए कमरे में बंद कर दिया जाता था। लेकिन क्रिकेट के प्रति उनका जुनून इतना मजबूत था कि वह खिड़की से निकलकर मैदान पहुंच जाते थे।

आकिब के सपनों को उड़ान देने में उनके करीबी दोस्त जुबैर की अहम भूमिका रही। जब पिता और बेटे के बीच क्रिकेट को लेकर मतभेद बढ़ रहे थे, तब जुबैर ने आकिब के पिता को समझाया कि उनके बेटे में असाधारण प्रतिभा है और उसे एक मौका मिलना चाहिए। दोस्त की इस पहल ने परिवार की सोच बदल दी।

इसके बाद आकिब के पिता ने भी बेटे के सपने को अपना सपना बना लिया। सरकारी शिक्षक होने के बावजूद उन्होंने आर्थिक मुश्किलों की परवाह किए बिना आकिब की ट्रेनिंग के लिए जरूरी इंतजाम किए। बताया जाता है कि जब आकिब को प्रशिक्षण के लिए श्रीनगर से चेन्नई भेजना था, तब उनके पिता ने करीब 10 हजार रुपये की व्यवस्था की ताकि वह ट्रेन की बजाय हवाई यात्रा कर समय पर ट्रेनिंग कैंप पहुंच सकें। उस समय लिया गया यही फैसला आगे चलकर उनके क्रिकेट करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

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आकिब नबी ने भी अपने परिवार के भरोसे को टूटने नहीं दिया। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन किया। एक रणजी सीजन में 10 मैचों में 60 विकेट लेकर उन्होंने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा। इससे पहले भी वह एक सीजन में 8 मुकाबलों में 44 विकेट ले चुके थे। उनकी धारदार गेंदबाजी ने जम्मू-कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी जीतने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन का इनाम उन्हें आईपीएल 2026 में भी मिला, जब दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 8.40 करोड़ रुपये में अपनी टीम का हिस्सा बनाया। अब टीम इंडिया में चयन के साथ आकिब नबी के सामने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खुद को साबित करने का सुनहरा अवसर है।

आकिब नबी की कहानी यह बताती है कि सपनों की राह में आने वाली मुश्किलें अगर हौसलों से बड़ी नहीं हों, तो एक दोस्त का भरोसा, पिता का त्याग और अपनी मेहनत मिलकर किसी भी युवा को सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।

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