Vedanta Demerger: अनिल अग्रवाल का बड़ा धमाका! वेदांता बनाएगी एक और नई कंपनी, 2200 एकड़ जमीन वाला रियल एस्टेट बिजनेस होगा अलग

वेदांता प्रॉपर्टी प्लेटफॉर्म्स के नाम से बनेगी नई कंपनी, हर 20 शेयर पर मिलेगा 1 नया शेयर, BSE-NSE पर होगी लिस्टिंग

Vedanta Demerger: वेदांता लिमिटेड (Vedanta Ltd) ने अपने कारोबार को और अधिक केंद्रित बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपने रियल एस्टेट बिजनेस को अलग कर वेदांता प्रॉपर्टी प्लेटफॉर्म्स (Vedanta Property Platforms) नाम से नई कंपनी बनाने का ऐलान किया है। अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली कंपनी का यह फैसला उसके पहले से जारी बड़े डीमर्जर प्लान के बाद एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कंपनी ने बताया कि रियल एस्टेट कारोबार को स्कीम ऑफ अरेंजमेंट के तहत अलग किया जाएगा। यह एक स्वतंत्र प्योर-प्ले रियल एस्टेट कंपनी होगी, जिसे भविष्य में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर अलग से सूचीबद्ध किया जाएगा। हालांकि, इस प्रक्रिया के लिए नियामकीय और वैधानिक मंजूरियां अभी बाकी हैं।

डीमर्जर योजना के तहत मौजूदा वेदांता के शेयरधारकों को हर 20 इक्विटी शेयर के बदले नई कंपनी का 1 पूरी तरह पेड-अप इक्विटी शेयर मिलेगा। इसके लिए रिकॉर्ड डेट की घोषणा बाद में की जाएगी। केवल वही निवेशक इस लाभ के पात्र होंगे जिनके डिमैट खाते में रिकॉर्ड डेट के दिन वेदांता के शेयर मौजूद होंगे।

नई बनने वाली कंपनी के पोर्टफोलियो में वेदांता की बड़ी रियल एस्टेट संपत्तियां शामिल होंगी। इनमें करीब 2200 एकड़ औद्योगिक भूमि, 55,000 वर्ग फुट आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियां तथा देशभर में फैली 22 प्रमुख परिसंपत्तियां शामिल हैं। ये संपत्तियां महाराष्ट्र, गोवा, तमिलनाडु, गुजरात और कर्नाटक जैसे राज्यों में स्थित हैं। इनमें फ्लैट, इमारतें, बंगले और भूखंड भी शामिल हैं।

कंपनी के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में इस रियल एस्टेट इकाई का परिचालन राजस्व 1.26 करोड़ रुपये रहा। डीमर्जर के बाद इस कारोबार को स्वतंत्र पहचान मिलेगी और निवेशकों को इसके प्रदर्शन का अलग से आकलन करने का अवसर मिलेगा।

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विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से वेदांता का मुख्य मेटल और माइनिंग कारोबार अधिक फोकस्ड होगा। साथ ही निवेशकों के लिए अलग-अलग बिजनेस वर्टिकल की वास्तविक वैल्यू समझना आसान हो जाएगा। हालांकि, पूरी डीमर्जर प्रक्रिया को पूरा होने में करीब दो साल तक का समय लग सकता है।

इस घोषणा का असर कंपनी के शेयरों पर भी देखने को मिला। मंगलवार को बीएसई पर वेदांता का शेयर करीब 2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 270 रुपये पर बंद हुआ। इससे एक दिन पहले भी शेयर में तेजी दर्ज की गई थी। फिलहाल कंपनी का बाजार पूंजीकरण (Market Cap) लगभग 1.05 लाख करोड़ रुपये है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सभी नियामकीय मंजूरियां समय पर मिल जाती हैं, तो वेदांता का यह डीमर्जर निवेशकों के लिए लंबी अवधि में मूल्य सृजन (Value Unlocking) का एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है। नई कंपनी की लिस्टिंग के बाद शेयरधारकों को रियल एस्टेट कारोबार में सीधे हिस्सेदारी का लाभ भी मिलेगा।

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