
International news: भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत श्रीलंका के सतत विकास और जमीनी स्तर पर जन-जीवन को बदलने की दिशा में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया गया है। श्रीलंका के केगाले और कलुतारा जिलों में भारत सरकार की आर्थिक अनुदान सहायता से निर्मित दो नए मॉडल विलेज, ‘नंदा गामा’ (केगाले) और ‘जाना अरुणा गामा’ (कलुतारा) का आधिकारिक रूप से उद्घाटन कर उन्हें स्थानीय लाभार्थियों को सौंप दिया गया है।
परियोजनाओं का उद्घाटन श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने किया। इस परियोजना के तहत श्रीलंका के सभी 25 जिलों में निम्न-आय वर्ग के परिवारों के लिए पक्के घरों का निर्माण किया जा रहा है, जो दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों की मजबूती को दर्शाता है। इस अवसर पर केगाले में श्रीलंका के पर्यावरण मंत्री डॉ. दम्मिका पटाबेंदी और कलुतारा में स्वास्थ्य एवं जनसंचार मंत्री डॉ. नलिंदा जयतिस्सा भी मौजूद रहे।
उच्चायुक्त झा ने एक्स पर लिखा, “घर देना, ज़िंदगी बदलना। कलुतारा में 20वें मॉडल विलेज ‘जाना अरुणा गामा’ का उद्घाटन किया। इस मौके पर आवास, निर्माण एवं जलापूर्ति मंत्री डॉ. सुशील रानासिंघे और स्वास्थ्य एवं जनसंचार मंत्री डॉ. नलिंदा जयतिस्सा भी मौजूद थे। भारत की ग्रांट सहायता से श्रीलंका के सभी 25 जिलों में घर बनाए जा रहे हैं। यह जमीनी स्तर पर लोगों की ज़िंदगी बदलने में भारत-श्रीलंका दोस्ती की मजबूती को दर्शाता है।”

मॉडल विलेज कूटनीति के तहत न केवल जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा रहा है, बल्कि बुनियादी ढांचे को मजबूत कर स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर बनाया जा रहा है। ‘मॉडल विलेज हाउसिंग प्रोजेक्ट’ के अंतर्गत श्रीलंका के सभी जिलों में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए योजनाबद्ध तरीके से मॉडल विलेज विकसित किए जा रहे हैं। प्रत्येक मॉडल विलेज में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 24 पक्के आवास बनाए गए हैं।
भारत लंबे समय से अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत श्रीलंका को विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग प्रदान करता रहा है। चाहे श्रीलंका का आर्थिक संकट हो या फिर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा, आपदा प्रबंधन और नवीकरणीय ऊर्जा का क्षेत्र—भारत ने हमेशा एक भरोसेमंद और सच्चे मित्र की भूमिका निभाई है।
रिपोर्ट: शाश्वत तिवारी



