International News: भारत की 7.8% GDP ग्रोथ पर IMF का भरोसा, महंगे तेल के बीच अर्थव्यवस्था की मजबूती की तारीफ

IMF प्रवक्ता जूली कोजैक ने भारत की आर्थिक वृद्धि को उम्मीद से बेहतर बताया, अक्टूबर में जारी होंगे नए अनुमान

International News: भारत की आर्थिक विकास दर को लेकर चल रही चर्चा के बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की ओर से भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक टिप्पणी सामने आई है। IMF की प्रवक्ता जूली कोजैक ने भारत की 7.8 प्रतिशत GDP वृद्धि को उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन बताया। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल और ऊर्जा की कीमतों में बढ़ोतरी का असर भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर पड़ सकता है, लेकिन भारत ने मौजूदा परिस्थितियों का मजबूती से सामना किया है।

महंगे कच्चे तेल के बावजूद भारत ने संभाली स्थिति

जूली कोजैक के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की कीमतें बढ़ने पर तेल आयात करने वाले देशों के भुगतान संतुलन और राजकोषीय स्थिति पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, भारत के मामले में यह स्थिति ऐसे समय बनी, जब देश की अर्थव्यवस्था पहले से मजबूत स्थिति में थी। यही वजह है कि बढ़ी हुई ऊर्जा कीमतों के प्रभाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने बेहतर प्रदर्शन किया।

IMF भारत पर बढ़ी हुई तेल कीमतों के असर पर लगातार नजर रख रहा है। जूली कोजैक ने बताया कि भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर IMF अक्टूबर में अपने नए अनुमान जारी करेगा। वहीं, सरकार ने 7.8 प्रतिशत GDP वृद्धि के आंकड़ों का बचाव करते हुए कहा है कि GDP की गणना के लिए अपनाई गई नई पद्धति पहले की तुलना में बेहतर है।

सेवा क्षेत्र और निर्यात ने बढ़ाया ग्रोथ को सहारा

IMF के अनुसार भारत की वास्तविक GDP में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो IMF के विशेषज्ञों के अनुमान और बाजार की सामान्य उम्मीद दोनों से अधिक रही। इस बेहतर प्रदर्शन में सेवा क्षेत्र की मजबूत गतिविधियों और निर्यात की अहम भूमिका रही।

IMF ने यह भी माना कि ऊर्जा कीमतों में अचानक हुई तेजी के बावजूद भारत की आर्थिक गतिविधियों में मजबूती बनी रही। संस्था के मुताबिक, मौजूदा प्रदर्शन यह संकेत देता है कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए विकास का एक महत्वपूर्ण इंजन बना हुआ है।

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GDP के आंकड़ों को लेकर क्यों हुई बहस?

भारत की पहली तिमाही यानी वित्त वर्ष 2026-27 के अप्रैल से जून तिमाही के GDP आंकड़े 31 अगस्त को जारी किए गए थे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जून तक समाप्त तिमाही में भारत की GDP पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 7.8 प्रतिशत बढ़ी। यह आंकड़ा रॉयटर्स के सर्वे में शामिल विश्लेषकों के 7.1 प्रतिशत के अनुमान से भी ज्यादा रहा।

आंकड़े सामने आने के बाद GDP वृद्धि को लेकर राजनीतिक और आर्थिक स्तर पर बहस शुरू हो गई। सरकार पर आर्थिक विकास दर को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने के आरोप भी लगाए गए। सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए नई GDP गणना पद्धति को ज्यादा बेहतर बताया। अब IMF की ओर से 7.8 प्रतिशत की वृद्धि को उम्मीद से बेहतर बताए जाने के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।

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