
International News: मध्य पूर्व में तनाव लगातार गहराता जा रहा है। अमेरिका ने लगातार चौथे दिन ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इस बार निशाने पर ईरान का सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत रहा, जो पाकिस्तान की सीमा से सटा हुआ है। हमलों के बाद क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, अमेरिकी हमलों में चाबहार स्थित समुद्री ट्रैफिक कंट्रोल सेंटर को भी नुकसान पहुंचा है। यह केंद्र समुद्री जहाजों की निगरानी, खोज एवं बचाव अभियानों और समुद्री व्यापार की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
बांपुर सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमला
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने सिस्तान-बलूचिस्तान के बांपुर स्थित सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमला किया। ईरानी मीडिया का दावा है कि इस हमले में कई सैन्यकर्मी मारे गए और अन्य घायल हुए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
कई रणनीतिक इलाकों को बनाया गया निशाना
बताया जा रहा है कि फारस की खाड़ी के तटीय क्षेत्र, बंदर अब्बास, हेंगाम द्वीप और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास भी विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। अमेरिकी सैन्य अभियान कई घंटों तक चला, जिसमें तटीय और रणनीतिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
ईरान ने दी कड़ी चेतावनी
लगातार हो रहे हमलों के बाद ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यदि हमले जारी रहे तो इसका “कड़ा और व्यापक जवाब” दिया जाएगा। इससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
बढ़ सकती है क्षेत्रीय अस्थिरता
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान सीमा के नजदीक स्थित इलाकों और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास सैन्य गतिविधियां बढ़ने से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक व्यापार मार्गों पर असर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में दोनों देशों की अगली रणनीति पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।



