
Nairobi News- ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता और समावेशी विकास के संकल्प को दोहराते हुए भारत सरकार ने अफ्रीकी देश केन्या में जमीनी स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण की एक नई मिसाल पेश की है। भारत सरकार द्वारा छोटे और मध्यम उद्यमों (एसएमई) के विकास के लिए केन्या को दी गई 15 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 1.25 अरब रुपये) की ‘लाइन ऑफ क्रेडिट’ के तहत यहां एक अत्याधुनिक डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना की गई है।
यह परियोजना अफ्रीका के जमीनी स्तर के आर्थिक ढांचे को मजबूत करने में भारत की सहयोगात्मक भूमिका को दर्शाती है। नैरोबी स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बताया कि केन्या के न्येरी काउंटी स्थित नारुमोरो डेयरी फार्म में स्थापित इस प्लांट की क्षमता 4,000 लीटर प्रति घंटा (एलपीएच) है। इस प्लांट की सबसे खास बात यह है कि इसमें इस्तेमाल होने वाली सभी मुख्य औद्योगिक मशीनरी और तकनीकी उपकरण भारत द्वारा ही सप्लाई किए गए हैं। इस प्लांट के चालू होने से स्थानीय स्तर पर सैकड़ों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है।
इसके अलावा, केन्या डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (केडीसी) द्वारा कार्यान्वित इस परियोजना से 2,300 से अधिक छोटे डेयरी किसानों को उनके दूध के लिए एक भरोसेमंद और स्थिर बाजार मिल गया है। उच्चायोग के अनुसार यह प्रोसेसिंग प्लांट रोजाना लगभग 13,420 किलोग्राम दूध को प्रोसेस करेगा,जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में दूध की होने वाली भारी बर्बादी रुकेगी और गुणवत्तापूर्ण प्रसंस्कृत दूध तक लोगों की पहुंच आसान होगी।
यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन को जमीन पर उतारने का काम करती है, जिसके तहत भारत वैश्विक मंचों पर हमेशा ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों की तकनीकी क्षमता बढ़ाने, मूल्य संवर्धन करने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की वकालत करता रहा है। पश्चिमी देशों की कर्जजाल नीतियों के विपरीत, भारत की यह विकास साझेदारी पूरी तरह से केन्या की स्थानीय प्राथमिकताओं और वहां के नागरिकों के आर्थिक सशक्तिकरण पर केंद्रित है।
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रिपोर्ट- शाश्वत तिवारी



