
Pratapgarh Crime News: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की बाघराय थाना पुलिस ने पशु चोरी की लगातार हो रही घटनाओं का खुलासा करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की एक भैंस, एक पड़वा, एक अवैध .315 बोर तमंचा, एक कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई पिकअप वाहन भी बरामद किया है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।
दो अलग-अलग पशु चोरी की घटनाओं का हुआ खुलासा
पुलिस के अनुसार, पहली घटना 9 मई 2026 की रात थाना बाघराय क्षेत्र के मलावा छजईपुर गांव में हुई थी, जहां एक घर के सामने बंधी भैंस और करीब आठ माह की पाड़िया चोरी हो गई थी। मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
वहीं दूसरी घटना 1 जुलाई 2026 की रात कोडराजीत गांव में हुई, जहां चोर एक भैंस और एक पड़वा खोलकर ले गए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मुखबिर की सूचना पर तीन आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान थाना प्रभारी श्रवण कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर राम वन गमन मार्ग, बिहार बाईपास के पास से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नागेन्द्र सरोज (23), राहुल कुमार (22) और गुलशन कुमार सरोज (21) के रूप में हुई है। तीनों प्रतापगढ़ जिले के बाघराय थाना क्षेत्र के निवासी हैं।
चोरी के पशु और अवैध हथियार बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई एक भैंस और एक पड़वा बरामद किया। इसके अलावा एक अवैध .315 बोर तमंचा, एक जिंदा कारतूस और चोरी में इस्तेमाल की गई पिकअप वाहन भी बरामद की गई।
बरामदगी के आधार पर पुलिस ने संबंधित मुकदमों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2) तथा अवैध हथियार मिलने पर आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 भी बढ़ा दी है। वहीं घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया गया है।
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पूछताछ में कबूली दो वारदातें
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 1 जुलाई की रात कोडराजीत गांव से भैंस और पड़वा चोरी कर सुनसान स्थान पर छिपा दिया था। बाद में मौका मिलने पर इन्हें प्रयागराज ले जाकर बेचने की योजना थी, लेकिन उससे पहले पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने करीब डेढ़ माह पहले मलावा छजईपुर गांव से भी एक भैंस और पाड़िया चोरी करने की बात स्वीकार की। आरोपियों ने बताया कि चोरी के पशुओं को कौशांबी के अजुआ बाजार क्षेत्र में एक ग्राहक को करीब 40 हजार रुपये में बेच दिया था और रकम आपस में बांट ली थी।
पुलिस टीम की सराहनीय कार्रवाई
इस पूरे ऑपरेशन को थाना बाघराय के प्रभारी निरीक्षक श्रवण कुमार के नेतृत्व में उपनिरीक्षक विकास प्रधान, उपनिरीक्षक दिनेश कुमार, कांस्टेबल राकेश राय और कांस्टेबल रोहित राम की टीम ने अंजाम दिया।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह अन्य जिलों में हुई पशु चोरी की घटनाओं में भी शामिल रहा है या नहीं। पुलिस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।



