
Mirzapur News-जनसुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक की। बैठक में सड़क सुरक्षा, स्कूली वाहनों, क्षतिग्रस्त सड़कों और दुर्घटनाओं के बाद घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
दो दिन में दुरुस्त होंगी क्षतिग्रस्त सड़कें
जिलाधिकारी ने कांवड़ यात्रा वाले सभी मार्गों को सुरक्षित और सुगम बनाए रखने के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को दो दिनों के भीतर दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को अपनी-अपनी सड़कों का मौके पर जाकर निरीक्षण करने और आवश्यक सुधार कराने को कहा।
बिना फिटनेस नहीं चलेंगे स्कूली वाहन
बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने स्कूली वाहनों की नियमित जांच के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना फिटनेस किसी भी स्कूली वाहन का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। अधिकारियों को अभियान चलाकर स्कूली वाहनों की जांच करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अधिशासी अभियंता नगर पालिका मीरजापुर ने बताया कि चिन्हित किए गए एक अवैध स्टैंड को हटाया जा चुका है।
हाईवे पर अवैध पार्किंग पर होगी सख्ती
हाईवे पर अवैध पार्किंग की समस्या की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बड़े वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर चालान की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क किनारे अनधिकृत रूप से खड़े वाहनों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई पर जोर दिया।
नटवा चौराहे के गड्ढे ठीक न होने पर NHAI अभियंता को फटकार
पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद नटवा चौराहे के गड्ढों की मरम्मत न होने और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने NHAI के सहायक अभियंता अजीत प्रकाश वर्मा को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने सड़क को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि जिस विभाग के अधीन सड़क है, उसके अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर उसकी स्थिति का निरीक्षण करें और खराब सड़कों पर सुधारात्मक कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।
सड़क हादसों के घायलों का होगा मुफ्त इलाज
आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को इमरजेंसी मेडिकल प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल उपचार मिलना चाहिए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सरकारी या निजी अस्पताल में दुर्घटना के घायल मरीज का तत्काल उपचार शुरू किया जाए और इलाज के खर्च का भुगतान सरकार द्वारा किया जाएगा। उन्होंने इस व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया।
तीन या उससे अधिक मौत वाले हादसों की होगी संयुक्त जांच
रोड सेफ्टी पॉलिसी के 4E—Engineering, Enforcement, Education और Emergency Care के तहत सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान जनपद में हुई दुर्घटनाओं का मार्गवार विश्लेषण किया गया और दुर्घटना संभावित स्थानों की स्थिति पर चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन सड़क हादसों में तीन या उससे अधिक लोगों की मौत हुई है, उनकी संयुक्त जांच संबंधित सभी स्टेकहोल्डर विभागों के नामित प्रतिनिधियों द्वारा निर्धारित प्रारूप में की जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कीर्ति कुमार मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक नगर नितेश सिंह समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट: सत्येन्द्र कुमार मिश्र, मीरजापुर



