
International News: मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच हिज्बुल्लाह के महासचिव नईम कासिम ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ तीखा बयान देकर एक बार फिर क्षेत्रीय राजनीति को गरमा दिया है। आशूरा के अवसर पर हजारों समर्थकों को संबोधित करते हुए कासिम ने कहा कि हालिया अमेरिका-ईरान समझौता दरअसल अमेरिका और इजरायल की रणनीतिक हार का आधिकारिक ऐलान है। उन्होंने दावा किया कि इस समझौते ने यह साबित कर दिया कि दोनों देश अपने सैन्य और राजनीतिक लक्ष्य हासिल करने में असफल रहे हैं।
नईम कासिम ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि लेबनान के जिन इलाकों पर इजरायल का कब्जा है, वहां से उसे बिना किसी शर्त के हटना ही होगा। उन्होंने कहा कि इजरायल के पास अब कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है और उसे अपमानित होकर लेबनान छोड़ना पड़ेगा।
कासिम ने अपने संबोधन में साफ किया कि हिज्बुल्लाह किसी भी कीमत पर इजरायल के साथ संबंध सामान्य करने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि लेबनान की एक इंच जमीन पर भी इजरायली मौजूदगी स्वीकार नहीं की जाएगी। उनके मुताबिक, संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक इजरायल पूरी तरह पीछे नहीं हट जाता।
हिज्बुल्लाह प्रमुख ने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने एक व्यापक युद्ध के जरिए उनके संगठन को खत्म करने की कोशिश की थी, लेकिन वे अपने मकसद में सफल नहीं हो सके। उन्होंने दावा किया कि उनके संगठन ने दोनों देशों की रणनीति को नाकाम कर दिया और अब क्षेत्र एक नए राजनीतिक दौर में प्रवेश कर चुका है।
अपने भाषण में कासिम ने कहा कि हालिया ईरान-अमेरिका समझौता इस बात का प्रमाण है कि पश्चिमी देशों को अंततः बातचीत का रास्ता अपनाना पड़ा। उनके अनुसार, यह समझौता ईरान की कूटनीतिक जीत और अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक विफलता का प्रतीक है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब लेबनान और इजरायल के अधिकारियों के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की खबरें सामने आ रही हैं। हालांकि, हिज्बुल्लाह ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी प्रकार के राजनीतिक समझौते या संबंध सामान्य करने की प्रक्रिया का समर्थन नहीं करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि नईम कासिम का यह बयान केवल घरेलू समर्थकों को संदेश देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे मध्य-पूर्व की बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों की ओर भी संकेत करता है। गाजा युद्ध, ईरान-इजरायल तनाव और लेबनान सीमा पर लगातार बनी हुई अस्थिरता के बीच ऐसे बयान क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकते हैं।
फिलहाल क्षेत्रीय हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। अमेरिका, इजरायल, ईरान और लेबनान के बीच कूटनीतिक और सैन्य गतिविधियों पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस बयान के बाद क्षेत्रीय समीकरण किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।
Written By: Ekta Verma



