आज से तीन दिनों के लिए सजेगा उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र

The auditorium of the North Central Zone Cultural Centre will be decked up for three days, starting today

शाम छह बजे से शुरू होंगी प्रस्तुतियां
आने वाले दर्शकों के लिए फ्री रहेगी एंट्री
संगम के पावन तट पर स्थित प्रयागराज को तीर्थों का राजा कहा जाता है। प्रयाग जितना संगम और बंधवा वाले हनुमान मंदिर के प्रसिद्ध है। उतना ही यहां की मिट्ट ी में बसने वाले साहित्यकारों के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां के साहित्यकारों ने साहित्य को अपनी कलम से बड़ी ही नजाकत के साथ प्रदर्शित किया है। जिस वजह से यह प्रयाग अपने साहित्यिक धरोहर के लिए भी जाना जाता है। प्रयागराज के सर्किट हाउस के समीप स्थित उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र कला के पुजारी, प्रेमियों और कलाकारों को वर्षों से मंच प्रदान करता चला आ रहा है। इसी रिवायत को आगे बढ़ाते हुए उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र जनजातीय लोककला एवं बोली विकास अकादमी, मध्य प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय जन जातीय महोत्सव का आयोजन करने जा रहा है। इस महोत्सव का शुभारंभ आज से यानि की शनिवार से होने जा रहा है।

नाटक का मंचन करते कलाकार

 

 

 

 

 

तीन दिन तीन अलहदा कार्यक्रम
उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र और जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी के तत्वानधान में आयोजित होने वाले जन जातीय महोत्सव में तीन दिन तीन अलहदा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए अपनी संस्कृति की झलकियां भी प्रस्तुत करेंगे। इस पर उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक सुदेश शर्मा ने बताया कि महोत्सव के पहले दिन 27 जून को नाटक शिप्रा, 28 जून को नाटक महाबली और 29 जून को नाटक राजा लोहगुण्डी का मंचन कलाकारों के द्वारा किया जाएगा। समस्त नाटक और कार्यक्रमों का आयोजन उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र स्थित वातानुकूलित प्रेक्षागृह में किया जाएगा।

नृत्य करते कलाकार

 

 

 

 

 

ऐतिहासिक विरासत बचाते हुए आम जन तक पहुंचाना
केंद्र के निदेशक ने इस तीन दिवसीय जन जातीय महोत्सव के आयोजन का उद्देश्य प्रकट करते हुए बताया। कि इस महोत्सव का उद्देश्च जनजातीय संस्कृति, लोक कलाओं और ऐतिहासिक विरासत को आमजन तक पहुंचाना है। इसी के साथ उन्होंने बताया कि नई पीढ़ी को देश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है। संस्कृति प्रेमियों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर जनजातीय कला और संस्कृति का आनंद लेने के लिए सांस्कृतिक केंद्र की ओर से दर्शकों के लिए एंट्री फ्री रखी गई है। कार्यक्रम का आयोजन शाम छह बजे से सांस्कृतिक केंद्र स्थित प्रेक्षागृह में किया जाएगा।

रिपोर्ट:आकाश त्रिपाठी

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