
Uttar Pradesh News: लखनऊ में अनुसूचित जाति के किसानों की जमीनों से जुड़े कथित घोटाले का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। भारतीय किसान मंच ने इस पूरे प्रकरण को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग को दोहराया है।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र तिवारी का कहना है कि जांच के लिए दिया गया एक सप्ताह का समय पहले ही पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक मुख्यमंत्री से मिलने का समय नहीं मिल पाया है। उनका आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर हो रही देरी से मामले की गंभीरता प्रभावित हो सकती है।
देवेंद्र तिवारी ने यह भी आशंका जताई है कि जांच में हो रही देरी का फायदा उठाकर आरोपी और कथित बिचौलिए फर्जी बैंक खातों, बैनामों और दाखिल-खारिज जैसे दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर सकते हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो साक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं।
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भारतीय किसान मंच ने मांग की है कि लखनऊ के निजामपुर, मड़ियांव, हसनपुर खेवली सहित नौ गांवों में हुए सभी संदिग्ध जमीन सौदों की निष्पक्ष जांच की जाए। संगठन ने पूरे मामले की SIT जांच कराने और दोषियों के खिलाफ SC/ST एक्ट समेत गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग भी की है।
संगठन का कहना है कि वे जल्द ही सभी दस्तावेजों और पीड़ित किसानों की सूची के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और न्याय की मांग को मजबूती से रखेंगे। फिलहाल यह मामला प्रशासनिक स्तर पर जांच और कार्रवाई की प्रतीक्षा में है।
रिपोर्ट: निखिल श्रीवास्तव



