West Bengal Politics: CID पूछताछ के बीच अभिषेक बनर्जी को झटका, आंखों के इलाज के लिए विदेश यात्रा पर हाई कोर्ट ने नहीं दी तत्काल राहत

कलकत्ता हाई कोर्ट से अभिषेक बनर्जी को नहीं मिली राहत आंखों के इलाज के लिए विदेश यात्रा की मांग कोर्ट ने क्यों कहा—देश में ही पर्याप्त इलाज सुविधाएं मौजूद

West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में घिरे तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। CID और अन्य जांच एजेंसियों की पूछताछ का सामना कर रहे अभिषेक बनर्जी ने आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है।

हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि देश में ही इलाज की पर्याप्त मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध हैं, इसलिए इस मामले पर तत्काल राहत देना संभव नहीं है। अदालत ने निर्देश दिया कि याचिका पर सामान्य प्रक्रिया के तहत सुनवाई की जाएगी।

अभिषेक बनर्जी के वकील ने कोर्ट में दलील दी थी कि उन्हें मेडिकल कारणों से विदेश यात्रा की आवश्यकता है। साथ ही यह भी बताया गया कि पहले भी उनकी आंख की सर्जरी हो चुकी है और समय-समय पर उन्हें इलाज के लिए विदेश जाना पड़ता है।

क्यों मांगी गई थी विदेश यात्रा की अनुमति?

जानकारी के अनुसार, अभिषेक बनर्जी को लगभग एक सप्ताह के लिए विदेश जाकर आंखों का इलाज कराना था। साल 2016 में दुर्गापुर एक्सप्रेसवे पर हुए एक सड़क हादसे में उनकी आंख गंभीर रूप से घायल हो गई थी, जिसके बाद से वे नियमित उपचार कराते रहे हैं।

कानूनी और राजनीतिक मुश्किलें बढ़ीं

फिलहाल अभिषेक बनर्जी कई कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं। वे ED और CID की पूछताछ के दायरे में हैं। इसके अलावा बिधाननगर साइबर क्राइम थाने में दर्ज एक मामले में उन्हें कोर्ट से अंतरिम सुरक्षा मिली हुई है, लेकिन विदेश यात्रा पर प्रतिबंध की शर्त पहले से लागू है।

TMC में बढ़ता राजनीतिक संकट

इसी बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल चुनावों के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर अंदरूनी कलह की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। पार्टी के कुछ नेताओं के बगावत के दावे भी किए जा रहे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर असंतोष की स्थिति बनी हुई है और कई नेताओं पर जांच एजेंसियों की नजर भी है।

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क्या आगे और बढ़ेगी मुश्किलें?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अभिषेक बनर्जी को आने वाले दिनों में विदेश इलाज की अनुमति मिलेगी या नहीं। साथ ही क्या कानूनी मामलों का दबाव उनके राजनीतिक करियर पर और असर डालेगा?

फिलहाल, हाई कोर्ट के इस फैसले ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं और पूरे मामले पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।

Written By: Ekta Verma

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