International News: भारत-माली बिजनेस फोरम से बढ़ेगा व्यापार, ‘ग्लोबल साउथ’ को मिला नया आर्थिक बल

बामाको में आयोजित प्रथम भारत-माली एक्सपोर्ट प्रमोशन फोरम में व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग पर हुआ मंथन

International News: भारत और पश्चिमी अफ्रीकी देश माली के बीच द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए यहां ‘भारत-माली बिजनेस फोरम’ का आयोजन किया गया। यह फोरम दोनों देशों के व्यापारिक इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है, जिसे भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई), भारत के विदेश मंत्रालय और बामाको स्थित भारतीय दूतावास के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया।

‘ग्लोबल साउथ’ के देशों के सामूहिक और समावेशी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए माली की राजधानी बामाको में ‘प्रथम भारत-माली एक्सपोर्ट प्रमोशन फोरम’ का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन माली के प्रधानमंत्री मेजर जनरल अब्दौले माईगा ने किया। कार्यक्रम में भारत के राजदूत डॉ. एन. नंदकुमार ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

यह फोरम महज एक व्यापारिक बैठक नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘ग्लोबल साउथ’ के सामूहिक विकास और आत्मनिर्भरता के विजन को धरातल पर उतारने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। भारत हमेशा से विकासशील देशों की संप्रभुता, आर्थिक स्वतंत्रता और समावेशी विकास का समर्थक रहा है। इस फोरम के माध्यम से भारत ने स्पष्ट किया है कि वह अफ्रीका को केवल एक उपभोक्ता बाजार नहीं मानता, बल्कि समान विकास की दिशा में एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में देखता है।

माली स्थित भारतीय दूतावास ने अपने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारत के वाणिज्य मंत्रालय में जेएस एफटी (अफ्रीका) अमित कुमार के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल तथा विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाला एक बड़ा भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल इस फोरम में भाग ले रहा है। फोरम में व्यापार नीति, निवेश के अवसरों, बी2बी बैठकों और प्रदर्शनी से जुड़े विषयों पर चर्चा की जा रही है।

International News: गीज़ा के पिरामिड से लिंकन मेमोरियल तक गूंजेगा योग, भारतीय मिशनों ने झोंकी पूरी ताकत

भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत और माली के बीच द्विपक्षीय व्यापार में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 210.60 मिलियन अमेरिकी डॉलर था, जबकि अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 की अवधि में यह बढ़कर 287.61 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। यह दोनों देशों के बीच मजबूत होती आर्थिक साझेदारी का संकेत है।

यह पहल भारत सरकार की उस विदेश नीति का हिस्सा है, जो विकासशील देशों के बीच ‘दक्षिण-दक्षिण सहयोग’ को बढ़ावा देने और साझा समृद्धि के अवसरों को मजबूत करने पर केंद्रित है।

(रिपोर्ट : शाश्वत तिवारी)

Show More

Related Articles

Back to top button