
UP Mau Health News: स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए मुख्य विकास अधिकारी (CDO) विवेक कुमार श्रीवास्तव ने मंगलवार सुबह ठीक 9:00 बजे विकासखंड घोसी स्थित 100 शैय्या चिकित्सालय टड़ियांव का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं और गंभीर कमियों का अंबार देखने को मिला, जिस पर मुख्य विकास अधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय की अनुशासनहीनता पूरी तरह उजागर हो गई। अस्पताल के अधीक्षक सहित कुल 44 अधिकारी एवं कर्मचारी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों की गैरहाजिरी को गंभीरता से लेते हुए CDO ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को सभी के विरुद्ध तत्काल कठोर एवं उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक मिली। अस्पताल की ओपीडी सेवाएं बंद थीं और मरीजों को भर्ती तक नहीं किया जा रहा था। ऑक्सीजन प्लांट नियमित रूप से संचालित न होने के कारण पाइपलाइन के माध्यम से वार्डों और कमरों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति पूरी तरह ठप पाई गई। अस्पताल का ऑपरेशन थियेटर (OT) भी बंद मिला।
अस्पताल में लाखों रुपये की लागत से स्थापित आधुनिक एक्स-रे मशीन उपयोग में नहीं लाई जा रही थी, जिससे उसके खराब होने की आशंका जताई गई। इसके अतिरिक्त मरीजों की सुविधा के लिए स्थापित लिफ्ट भी बंद पड़ी मिली।
तीन मंजिला अस्पताल भवन एवं परिसर में व्यापक गंदगी का आलम देखने को मिला। परिसर में जगह-जगह घास-फूस उगी हुई थी और सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई थी। वार्डों में मरीजों के बेड पर कई दिनों पुरानी एवं दागयुक्त बेडशीटें बिछी मिलीं, जिससे अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही साफ नजर आई।
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दवाओं के रखरखाव में भी गंभीर खामियां पाई गईं। दवाओं का समुचित अभिलेखीकरण नहीं किया जा रहा था। स्टॉक पंजिका अधूरी मिली तथा जल्द एक्सपायर होने वाली दवाओं को अलग से सुरक्षित रखने की कोई व्यवस्था नहीं पाई गई।
निरीक्षण के बाद मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि चिकित्सालय अधीक्षक का डॉक्टरों एवं कर्मचारियों पर कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को सभी व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने के सख्त निर्देश दिए। CDO ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं और व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार नहीं हुआ, तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



