
Fraud : देहरादून पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जिस पर खुद को कांग्रेस नेता Rahul Gandhi का पूर्व सेक्रेटरी बताकर कई राज्यों में कांग्रेस नेताओं से करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप है। आरोपी की पहचान अमृतसर निवासी गौरव कुमार (42) के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, गौरव कुमार ने खुद को राहुल गांधी के पूर्व सहयोगी कनिष्क सिंह बताकर नेताओं से संपर्क किया और पार्टी में बड़े पद तथा चुनावी टिकट दिलाने का झांसा देकर पैसे ऐंठे। इसके लिए उसने नकली Truecaller ID और फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया।
देहरादून पुलिस ने आरोपी को जाखन इलाके से गिरफ्तार किया। स्थानीय अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब आगे की पूछताछ के लिए रिमांड लेने की तैयारी कर रही है।
पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कई राज्यों में पहले से धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं और जांच में बड़े नेटवर्क के संकेत मिले हैं।
भावना पांडे की शिकायत से खुला मामला
यह पूरा मामला तब सामने आया जब देहरादून की कांग्रेस नेता भावना पांडे ने 3 मई को राजपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि गौरव कुमार ने उन्हें पार्टी में बड़ा पद दिलाने का भरोसा देकर 25 लाख की ठगी की।
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने होटल से फोन कर कथित तौर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की रिकॉर्डेड आवाजें भी सुनाईं, जिससे उसे भरोसेमंद दिखाने की कोशिश की गई। पैसे मिलने के बाद आरोपी ने संपर्क बंद कर दिया।
पांडे ने पुलिस को यह भी बताया कि आरोपी ने दावा किया था कि कांग्रेस आलाकमान उत्तराखंड कांग्रेस नेतृत्व से खुश नहीं है और संगठन में बदलाव के लिए फंड की जरूरत है।
नकली Truecaller ID से बनाया भरोसा
जांच एजेंसियों के अनुसार, गौरव कुमार ने कनिष्क सिंह के नाम से फर्जी Truecaller प्रोफाइल बनाई थी। इसके अलावा उसने myneta.info जैसे सार्वजनिक प्लेटफॉर्म से कांग्रेस नेताओं की जानकारी जुटाई और उसी आधार पर नेताओं को निशाना बनाया।
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर उत्तराखंड, राजस्थान, हरियाणा, बिहार और मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेताओं से संपर्क किया।
पहले भी सामने आ चुके हैं ठगी के मामले
पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी कई वर्षों से इस तरह की ठगी कर रहा था। आरोप है कि 2017 में जयपुर में उसने दो कांग्रेस नेताओं से करीब 1.90 करोड़ और 12 लाख की ठगी की थी। वहीं, 2025 में पटना में भी एक नेता से 3 लाख ठगने का मामला सामने आया था।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस नेटवर्क के और भी शिकार सामने आ सकते हैं। पुलिस अब आरोपी के सहयोगियों और पैसों के लेनदेन की जांच कर रही है।



