AIADMK मनी लॉन्ड्रिंग केस : सुकेश चंद्रशेखर को ज़मानत, अदालत ने कहा – हिरासत में बिता चुके हैं “ज़रूरत से ज़्यादा समय”

AIADMK : AIADMK ‘दो पत्ती’ चुनाव चिह्न से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुकेश चंद्रशेखर को दिल्ली कोर्ट से ज़मानत मिली। जानिए अदालत ने क्या कहा।

AIADMK : दिल्ली की एक अदालत ने AIADMK के चर्चित “दो पत्ती” चुनाव चिह्न से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी सुकेश चंद्रशेखर को ज़मानत दे दी है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत ने सुनाया।

समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक, अदालत ने आरोपी को ₹5 लाख के निजी मुचलके और ज़मानत बांड पर राहत दी।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला AIADMK के “दो पत्ती” चुनाव चिह्न को लेकर हुए कथित घोटाले से जुड़ा है। आरोप है कि सुकेश चंद्रशेखर ने पार्टी के एक गुट को चुनाव चिह्न दिलाने के लिए करीब ₹50 करोड़ की डील की थी।

यह विवाद 2017 में उस समय सामने आया था, जब AIADMK (अम्मा) गुट के नेता TTV दिनाकरन पर चुनाव आयोग के अधिकारी को रिश्वत देने की कोशिश का आरोप लगा था। यह पूरा मामला तमिलनाडु की आर.के. नगर सीट के उपचुनाव से जुड़ा था।

जांच के दौरान चंद्रशेखर के पास से ₹1.30 करोड़ नकद और लग्ज़री कारें – BMW और Mercedes भी बरामद हुई थीं।

अदालत ने क्यों दी ज़मानत?

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी पहले ही “ज़रूरत से ज़्यादा समय” हिरासत में बिता चुका है। न्यायाधीश ने यह भी स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता संविधान का एक मूल अधिकार है, जिसे केवल गंभीर आरोपों के आधार पर अनिश्चितकाल तक सीमित नहीं किया जा सकता।

कोर्ट ने यह भी कहा कि PMLA जैसे विशेष कानूनों का इस्तेमाल किसी आरोपी की स्वतंत्रता को अनुचित रूप से बाधित करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

अन्य मामलों में जेल में ही रहेगा आरोपी

हालांकि इस मामले में ज़मानत मिलने के बावजूद, सुकेश चंद्रशेखर अभी जेल में ही रहेगा, क्योंकि उसके खिलाफ कई अन्य मामले लंबित हैं। अदालत ने नोट किया कि आरोपी के खिलाफ कुल 31 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 26 में वह पहले ही ज़मानत पर बाहर है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले में हिरासत की अवधि, PMLA के तहत संभावित सज़ा की आधी अवधि से अधिक हो चुकी है, और ट्रायल में देरी के कारण आरोपी लंबे समय से बिना अंतिम निर्णय के जेल में है।

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