
Cyber Insurance : डिजिटल भुगतान आज हर व्यक्ति की दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुका है। यूपीआई स्कैन से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग और बिल पेमेंट तक, सब कुछ कुछ सेकंड में हो जाता है। लेकिन सुविधा के साथ साइबर फ्रॉड का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। ऐसे में 2026 में साइबर इंश्योरेंस एक मजबूत आर्थिक सुरक्षा कवच के रूप में उभरकर सामने आया है।
आज के साइबर ठग पहले से ज्यादा एडवांस हो चुके हैं और फिशिंग लिंक, नकली वेबसाइट, फर्जी बैंक अलर्ट और क्लोन पेमेंट पेज जैसे तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। इन बढ़ते खतरों के बीच साइबर इंश्योरेंस आम लोगों के लिए भी जरूरी हो गया है।
क्या है साइबर इंश्योरेंस?
साइबर इंश्योरेंस एक ऐसी बीमा पॉलिसी है, जो ऑनलाइन धोखाधड़ी या साइबर हमले के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई करने में मदद करती है। यदि कोई व्यक्ति गलती से फिशिंग लिंक पर क्लिक कर देता है या नकली वेबसाइट पर अपनी बैंक/कार्ड डिटेल डाल देता है, तो यह पॉलिसी नुकसान की भरपाई कर सकती है।
क्या-क्या मिलता है कवरेज?
अलग-अलग कंपनियों में कवरेज अलग हो सकता है, लेकिन आमतौर पर इसमें शामिल हैं:
- फिशिंग अटैक
- पहचान की चोरी (Identity
- अनधिकृत ऑनलाइन ट्रांजैक्शन
- यूपीआई/कार्ड का दुरुपयोग
- ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड
- साइबर एक्सटॉर्शन (कुछ मामलों में)
इसके अलावा कई पॉलिसी में लीगल सहायता, साइबर हेल्पलाइन और काउंसलिंग जैसी सेवाएं भी दी जाती हैं।
किन मामलों में नहीं मिलेगा क्लेम?
साइबर इंश्योरेंस हर स्थिति में लागू नहीं होता। इन परिस्थितियों में क्लेम रिजेक्ट हो सकता है:
- OTP या PIN किसी के साथ शेयर करना
- बैंक की चेतावनी के बावजूद ट्रांजैक्शन करना
- संदिग्ध वेबसाइट पर जानबूझकर भुगतान करना
- बार-बार सुरक्षा अलर्ट को नजरअंदाज करना
कितना होता है प्रीमियम?
साइबर इंश्योरेंस का प्रीमियम काफी किफायती होता है।
- सम इंश्योर्ड: ₹10,000 से ₹1 करोड़ या अधिक
- प्रीमियम: सालाना कुछ सौ रुपये से शुरू
यह प्रीमियम चुने गए कवरेज और ऐड-ऑन सुविधाओं पर निर्भर करता है।
कैसे खरीदें साइबर इंश्योरेंस?
आप साइबर इंश्योरेंस पॉलिसी आसानी से ऑनलाइन खरीद सकते हैं:
- बीमा कंपनी की वेबसाइट
- मोबाइल ऐप
- अधिकृत एजेंट
पॉलिसी लेने से पहले उसके नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।
किसे लेनी चाहिए यह पॉलिसी?
- यूपीआई और ऑनलाइन बैंकिंग यूजर्स
- ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले लोग
- डिजिटल वॉलेट इस्तेमाल करने वाले
- सीनियर सिटीज़न
- नए इंटरनेट यूजर्स
साइबर फ्रॉड होने पर क्या करें?
अगर आपके साथ धोखाधड़ी हो जाए तो तुरंत ये कदम उठाएं:
1. बैंक या कार्ड जारीकर्ता को सूचित करें
2. अकाउंट ब्लॉक करवाएं
3. साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज करें
4. 24 घंटे के अंदर इंश्योरेंस कंपनी को रिपोर्ट करें
2026 में तेजी से बढ़ते डिजिटल ट्रांजैक्शन के साथ साइबर इंश्योरेंस अब फाइनेंशियल प्लानिंग का अहम हिस्सा बन गया है। सतर्कता और सही बीमा कवरेज के साथ आप डिजिटल फ्रॉड से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।
लेखक – अमरनाथ सक्सेना, चीफ टेक्निकल ऑफिसर- कमर्शियल, बजाज जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड (पूर्व नाम बजाज आलियांज़ जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड)



