Lucknow News-जरूरत पर भारी पड़ी अफवाह: लखनऊ में पेट्रोल-डीजल की बिक्री ढाई गुना बढ़ी

Lucknow News-पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी दिखाई देने लगा है। बीते दो दिनों में अफवाहों और आशंकाओं के कारण पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे सामान्य दिनों की तुलना में ईंधन की बिक्री करीब ढाई गुना तक बढ़ गई।

अंतरराष्ट्रीय तनाव से बढ़ी चिंता

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर लोगों में यह आशंका फैलने लगी कि आने वाले समय में तेल संकट गहरा सकता है।
यह आशंका धीरे-धीरे अफवाह में बदल गई और लोगों ने एहतियात के तौर पर बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल भरवाना शुरू कर दिया।

टंकी फुल” की होड़

हालात ऐसे बन गए कि छोटे टैंक वाले दोपहिया वाहनों में भी लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवाने लगे।
हर किसी का मकसद सिर्फ एक था—गाड़ी की टंकी पूरी तरह भरवा लेना, ताकि भविष्य में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

बिक्री के आंकड़े चौंकाने वाले

तेल कंपनियों से मिली जानकारी के अनुसार:

एक दिन में पेट्रोल की बिक्री लगभग -2.8 करोड़ लीटर तक पहुंच गई वहीं डीजल की खपत -5 करोड़ लीटर से अधिक दर्ज की गई कुल मिलाकर डीजल की बिक्री करीब -5.10 करोड़ लीटर  तक पहुंच गई

तुलना करें तो पिछले साल इसी अवधि में:

पेट्रोल की बिक्री करीब 1.5 करोड़ लीटर डीजल की बिक्री लगभग 2.9 करोड़ लीटर थी

यानी इस बार मांग में अचानक बड़ा उछाल देखा गया।

सोशल मीडिया ने बढ़ाया पैनिक

पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे।
इन वीडियो ने लोगों में डर और बढ़ा दिया, जिसके चलते और ज्यादा लोग पेट्रोल पंपों की ओर दौड़ पड़े।सप्लाई बनी हुई है सामान्य

तेल कंपनियों के अधिकारियों के अनुसार, राज्य में ईंधन की कोई वास्तविक कमी नहीं है।
हालांकि अचानक बढ़ी मांग के कारण कुछ पंपों पर अस्थायी रूप से तेल खत्म होने जैसी स्थिति दिखी, लेकिन सप्लाई लगातार जारी है।

बताया गया कि उत्तर प्रदेश के डिपो में लगभग 20 से 22 दिनों का रिजर्व स्टॉक उपलब्ध है, जिसे नियमित रूप से बनाए रखा जा रहा है।

लोगों से अपील

अधिकारियों ने साफ कहा है कि पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पर कोई रोक या सीमा तय नहीं की गई है।
लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे घबराहट में आकर जरूरत से ज्यादा ईंधन न खरीदें, ताकि सभी को आसानी से उपलब्ध हो सके।

निष्कर्ष

लखनऊ और आसपास के इलाकों में ईंधन की बढ़ी मांग का मुख्य कारण वास्तविक कमी नहीं, बल्कि अफवाह और डर का माहौल है।
स्थिति अब धीरे-धीरे सामान्य होती दिख रही है, लेकिन प्रशासन ने साफ किया है कि संयम और जागरूकता ही इस समस्या का सबसे बड़ा समाधान है।

Read Also-Iran US Conflict : ‘स्कूल पर हमला सोचा-समझा युद्ध अपराध’, ईरान ने अमेरिका और इजराइल पर लगाया गंभीर आरोप

Show More

Related Articles

Back to top button