UDAN 2.0 को कैबिनेट मंजूरी: 100 नए एयरपोर्ट, 200 हेलीपैड्स बनेंगे, IVFRIT 3.0 भी लागू

केंद्र सरकार ने UDAN 2.0 योजना को मंजूरी दी। इसके तहत 100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलीपैड बनाए जाएंगे। साथ ही IVFRIT 3.0 योजना को 5 साल के लिए बढ़ाया गया।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश में क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए बड़ी पहल करते हुए UDAN 2.0 योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत देशभर में 100 नए एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे और 200 नए हेलीपैड बनाए जाएंगे, जिससे दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना पर करीब 28,840 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य अनुपयोगी एयरस्ट्रिप्स को विकसित कर उन्हें हवाई सेवाओं से जोड़ना है, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।

सरकार ने विशेष रूप से हिमालयी राज्यों, उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों और द्वीपों के लिए 200 नए हेलीपैड बनाने का निर्णय लिया है। इस पर 3,661 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, ताकि कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में भी बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके।

इसके साथ ही कैबिनेट ने इमिग्रेशन और वीजा प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए IVFRIT 3.0 योजना को 31 मार्च 2031 तक पांच वर्षों के लिए बढ़ाने को भी मंजूरी दी है। इस योजना पर 1,800 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत इमिग्रेशन चेक पोस्ट पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टूल्स, आइरिस स्कैनिंग और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।

सरकार का कहना है कि IVFRIT 3.0 के जरिए इमिग्रेशन, वीजा और विदेशी नागरिकों के रजिस्ट्रेशन से जुड़ी सेवाओं को एकीकृत और अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा। इसके अंतर्गत मोबाइल सेवाएं, सेल्फ-सर्विस कियोस्क और डेटा सेंटर के अपग्रेडेशन पर भी जोर दिया जाएगा।

कैबिनेट बैठक में पर्यावरण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने 2030-2035 के लिए नए उत्सर्जन लक्ष्य तय किए हैं। मंत्री वैष्णव के अनुसार, भारत पहले ही जीडीपी के मुकाबले उत्सर्जन तीव्रता में 36 प्रतिशत की कमी हासिल कर चुका है और 2030 का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले प्राप्त कर लिया गया है।

इसके अलावा, औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए पहले स्वीकृत ‘भव्य’ योजना के तहत देशभर में 100 इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे, जिससे निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

वहीं, उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बाराबंकी से बहराइच के बीच 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड नेशनल हाईवे-927 के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है, जिस पर लगभग 6,969 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

कुल मिलाकर, ये फैसले देश में कनेक्टिविटी, सुरक्षा, पर्यावरण संतुलन और आर्थिक विकास को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

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