
Kuttu Atta Side Effects: नवरात्रि के व्रत में कुट्टू का आटा लोगों की पहली पसंद बन जाता है। इससे पूड़ी, पकौड़े और हलवा जैसे कई स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जाते हैं। लेकिन हर साल व्रत के दौरान मिलावटी या खराब कुट्टू के आटे की वजह से लोगों के बीमार पड़ने की खबरें सामने आती हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में भी ऐसा ही मामला सामने आया, जहां कुट्टू का आटा खाने के बाद कई लोग उल्टी, चक्कर और पेट दर्द से परेशान हो गए।
ऐसे करें असली और मिलावटी कुट्टू के आटे की पहचान
1. रंग से पहचानें- ताजा कुट्टू का आटा हल्का भूरा या डार्क ग्रे होता है। बहुत ज्यादा काला या फीका रंग पुराने आटे की निशानी हो सकता है।
2. खुशबू पर ध्यान दें- फ्रेश आटे में हल्की सोंधी खुशबू होती है। अगर आटे से खट्टी या अजीब गंध आ रही है, तो उसे बिल्कुल न खरीदें।
3. टेक्सचर जांचें- असली कुट्टू का आटा थोड़ा दरदरा होता है। ज्यादा बारीक या सफेद दिखने वाला आटा मिलावटी हो सकता है।
4. कीड़े या फंगस- पैकेट खोलते समय ध्यान दें कि उसमें कीड़े, जाले या नमी तो नहीं है। कुट्टू में जल्दी फंगस लगती है।
ऐसे में जरूरी है कि आप आटे की शुद्धता की पहचान करना सीखें। ताजा कुट्टू का आटा हल्के भूरे या डार्क ग्रे रंग का होता है। अगर इसका रंग ज्यादा काला या फीका लगे, तो यह पुराना हो सकता है। इसकी खुशबू भी पहचान का अहम जरिया है—फ्रेश आटे में हल्की सोंधी महक होती है, जबकि खराब आटे से खट्टी या अजीब गंध आती है। इसके अलावा, असली कुट्टू का आटा थोड़ा दरदरा होता है, जबकि बहुत ज्यादा बारीक और सफेद आटा मिलावटी हो सकता है।
कुट्टू का आटा पोषण के लिहाज से भी काफी फायदेमंद है। इसमें भरपूर फाइबर, प्रोटीन, मैग्नीशियम और कैल्शियम पाया जाता है, जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। साथ ही, यह वजन कंट्रोल करने में भी सहायक होता है क्योंकि इसे खाने के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती।
हालांकि, इसके कुछ नुकसान भी हैं। ज्यादा पुराना आटा खाने से फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है। कुछ लोगों को इससे गैस, ब्लोटिंग या एलर्जी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
इसलिए व्रत में कुट्टू का आटा खरीदते और इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें, ताकि स्वाद के साथ सेहत भी बनी रहे।
Written By: Kalpana Pandey



