
Sonbhadra News-केन्द्र सरकार ग्रामीण विकास के लिए भले ही तत्पर हो लेकिन ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार का प्रवाह थमने का नाम नही ले रहे है। ताजा मामला सोनभद्र जनपद एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जहां ग्राम पंचायत में बिना काम किए ही मजदूरों के नाम पर भुगतान निकालने का गंभीर आरोप लगा है।
शिकायत पत्र में खुलासा हुआ है कि कई ऐसे लोगों के खातों में पैसा भेजा गया, जो कभी मजदूरी करने ही नहीं पहुंचे।
जनपद में करमा विकास खंड के आमडीह गांव में पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, ग्राम प्रधान द्वारा विकास कार्यों में फर्जी मजदूर दिखाकर लाखों रुपये का भुगतान निकाला गया। हैरानी की बात ये है कि जिन लोगों के नाम पर मजदूरी दिखाई गई, वे असल में ई-रिक्शा चलाते हैं, दुकान चलाते हैं या अन्य निजी कार्यों में लगे हुए हैं।
शिकायत पत्र में चन्द्रजीत, अजीत कुमार, उदयनारायण, जितेश, महेन्द्र और अंकित जैसे नामों का उल्लेख किया गया है, जिनके खातों में मजदूरी के नाम पर पैसा भेजा गया।
बताया जा रहा है कि यह खेल साल 2021 से 2025 तक लगातार चलता रहा और नियमों की खुली अनदेखी की गई।
यह मामला पंचायती राज व्यवस्था और मनरेगा जैसी योजनाओं की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़ा कर रहा है।
वही शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार सिंह का कहना है कि हम लोग काम के लिए भटकते हैं, लेकिन जिन लोगों ने काम ही नहीं किया उनके खाते में पैसा जा रहा है। हम चाहते हैं कि जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई हो।
शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार सिंह ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की स्थलीय और दस्तावेजी जांच कराने की मांग की है। साथ ही फर्जी भुगतान की रिकवरी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई गई है।
इस मामले के सामने आने के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है और लोग न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।
ये देखना बेहद अहम होगा।
सोनभद्र में फर्जी मजदूरी घोटाला, बिना काम मजदूरों को भुगतान का आरोप, ग्राम प्रधान पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, जांच और कार्रवाई की मांग ग्रामीणों किया है।
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रिपोर्ट : रवि पाण्डेय सोनभद्र



