
Bihar Politics: बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए मतदान शुरू होते ही सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। खासतौर पर पांचवीं सीट को लेकर सत्ता पक्ष और महागठबंधन दोनों पूरी ताकत झोंकते नजर आ रहे हैं। इस सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है, जहां संख्या बल के साथ-साथ रणनीति भी अहम भूमिका निभा रही है।
महागठबंधन ने अपने समर्थन को मजबूत करने के लिए सहयोगी दलों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा है। AIMIM और बहुजन समाज पार्टी के विधायकों का समर्थन मिलने से विपक्ष को राहत जरूर मिली है, लेकिन कांग्रेस के कुछ विधायकों की अनुपस्थिति ने चिंता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि वाल्मीकिनगर के विधायक सुरेन्द्र कुशवाहा और फारबिसगंज के विधायक मनोज विश्वास से पार्टी नेतृत्व का संपर्क नहीं हो पा रहा है। ऐसे में क्रॉस वोटिंग की आशंका से राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
विपक्षी खेमे ने सभी विधायकों को एकजुट रखने के लिए उन्हें एक होटल में ठहराने की रणनीति अपनाई है। हालांकि कांग्रेस के चार विधायक वहां नहीं पहुंचे, जिससे सियासी समीकरण और उलझते नजर आ रहे हैं। कुछ नेताओं से बातचीत जारी है, लेकिन दो विधायकों की चुप्पी ने अनिश्चितता बढ़ा दी है।
दूसरी ओर, एनडीए भी अपनी रणनीति को धार देने में जुटा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, गठबंधन क्रॉस वोटिंग के साथ-साथ विपक्षी विधायकों को मतदान से दूर रखने की कोशिश कर रहा है। यदि कुछ विधायक अनुपस्थित रहते हैं तो जीत के लिए जरूरी मतों का आंकड़ा घट सकता है, जिससे सत्ता पक्ष को फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है।
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कुल मिलाकर राज्यसभा की इस चुनावी जंग में हर वोट की अहमियत बढ़ गई है। अंतिम परिणाम क्या होगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं और राजनीतिक दल आखिरी समय तक जोड़-तोड़ और रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं।
Written By: Kalpana Pandey



