
सोनभद्र। सोनभद्र जिले में एनसीएल की ककरी परियोजना से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। परियोजना में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी हर्षा कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड पर बिना वैध लाइसेंस के डीजल के भंडारण और उपयोग करने के आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों के बाद पूरे परियोजना क्षेत्र में हलचल मच गई है और स्थानीय स्तर पर जांच की मांग भी उठने लगी है।
मिली जानकारी के अनुसार, ककरी परियोजना क्षेत्र में चलने वाले भारी वाहनों और मशीनों के लिए डीजल की आपूर्ति को लेकर कई तरह की अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। सूत्रों का दावा है कि कंपनी द्वारा डीजल के भंडारण और वितरण के लिए आवश्यक वैध लाइसेंस नहीं लिया गया है, जबकि बड़ी मात्रा में डीजल का उपयोग और स्टोरेज किया जा रहा है।
आरोप यह भी है कि डीजल जैसे ज्वलनशील पदार्थ के भंडारण के लिए जो सुरक्षा मानक और सरकारी नियम निर्धारित हैं, उनका भी पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन माना जाएगा बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर लापरवाही मानी जाएगी।
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विशेषज्ञों का कहना है कि बिना लाइसेंस और उचित सुरक्षा व्यवस्था के ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण करना बेहद खतरनाक हो सकता है। ऐसी स्थिति में किसी भी समय आग लगने या अन्य दुर्घटना का खतरा बना रहता है, जिससे परियोजना क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों के साथ-साथ आसपास के इलाकों को भी बड़ा नुकसान हो सकता है।
इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के बीच चिंता का माहौल है। कई लोगों ने संबंधित विभागों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कंपनी द्वारा वास्तव में बिना लाइसेंस के डीजल का भंडारण और उपयोग किया जा रहा है, तो यह एक गंभीर अनियमितता है और इस पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि संबंधित विभाग इस मामले की जांच कब तक शुरू करते हैं और जांच के बाद क्या कार्रवाई की जाती है। साथ ही यह भी देखना होगा कि परियोजना क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों द्वारा भविष्य में नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन किस तरह सुनिश्चित किया जाता है।इस सम्बंध में प्रबंधन से जानकारी ली गयी तो कोई जबाब नही मिला।
सोनभद्र से संजय द्विवेदी की रिपोर्ट



