
Uttar Pradesh News: Bahraich जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 10 साल की बच्ची से कथित छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार 55 वर्षीय व्यक्ति की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और मामले ने तूल पकड़ लिया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, आरोपी को स्थानीय थाने में पूछताछ के लिए लाया गया था। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
हालांकि, मृतक के परिजनों का आरोप है कि थाने में उसके साथ मारपीट की गई, जिसके कारण उसकी मौत हुई। परिवार का दावा है कि यह प्राकृतिक मौत नहीं, बल्कि कथित पुलिस पिटाई का परिणाम है।
पुलिसकर्मियों पर FIR
परिजनों के आरोपों के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। मामले में थानाध्यक्ष और एक कॉन्स्टेबल सहित संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। उच्च अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके।
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कई सवाल खड़े
कस्टडी में हुई मौतें हमेशा संवेदनशील मुद्दा रही हैं। ऐसे मामलों में यह देखना जरूरी होता है कि क्या आरोपी को उचित चिकित्सा सुविधा और कानूनी अधिकार मिले थे। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह पुलिस की जवाबदेही और कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न होगा।
वहीं, दूसरी ओर बच्ची से छेड़छाड़ का आरोप भी गंभीर है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और संवेदनशीलता दोनों की जरूरत होती है—ताकि पीड़ित पक्ष को न्याय मिले और आरोपी के अधिकारों का भी हनन न हो।
आगे क्या?
अब सबकी नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मजिस्ट्रेटी जांच पर टिकी है। जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि मौत बीमारी से हुई या कथित हिंसा के कारण।
फिलहाल, यह मामला कानून, न्याय और पुलिस जवाबदेही—तीनों पर गहन बहस की मांग कर रहा है।
Written By: Anushri Yadav



