
69,000 Teacher Recruitment Case:उत्तर प्रदेश की 69 हजार शिक्षक भर्ती से जुड़े बहुचर्चित मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त के लिए निर्धारित कर दी। इसके साथ ही भर्ती प्रक्रिया से जुड़े हजारों अभ्यर्थियों की निगाहें अब अगली सुनवाई पर टिक गई हैं।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से दाखिल शपथपत्र (एफिडेविट) और चयन सूची से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई। अभ्यर्थियों का दावा है कि प्रस्तुत सूची में ओबीसी वर्ग के 3,324 अभ्यर्थियों के नाम शामिल किए गए हैं, जबकि पात्र अभ्यर्थियों की संख्या इससे अधिक है। उनका कहना है कि पहले जारी 6,800 आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की सूची के अनुरूप पात्र उम्मीदवारों को नियुक्ति का अवसर मिलना चाहिए।
अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि चयन सूची में ऐसे अभ्यर्थियों के नाम शामिल हैं, जिन्हें पहले नियुक्ति के लिए बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया। उनके अनुसार, इन रिक्त पदों को ध्यान में रखते हुए मेरिट सूची का पुनरीक्षण किया जाना चाहिए, ताकि शेष पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल सके।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट द्वारा 11 अगस्त को अगली सुनवाई तय किए जाने के बाद भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी पक्षों की उम्मीदें आगामी कार्यवाही पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि अगली सुनवाई में लंबित मुद्दों पर विस्तार से विचार हो सकता है और भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय सामने आ सकता है।
नोट: चयन सूची और रिक्त पदों को लेकर अभ्यर्थियों द्वारा किए गए दावे न्यायालय में विचाराधीन हैं। मामले में अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ही प्रभावी होगा।



