
Jevar Airport : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के निर्माण के लिए भूमि समर्पित करने वाले किसानों का मुख्यमंत्री आवास पर भव्य स्वागत किया। जेवर से लखनऊ के लिए संचालित पहली व्यावसायिक उड़ान से पहुंचे 170 किसानों, जिनमें 28 महिलाएं भी शामिल थीं, ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर आभार जताया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर अब वह क्षेत्र बन गया है, जहां ‘कुबेर’ भी आना चाहते हैं। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आने वाले वर्षों में पूरे क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदल देगा।
किसानों के भरोसे से बना देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब राज्य सरकार ने जेवर एयरपोर्ट परियोजना को मंजूरी दी थी, तब भूमि अधिग्रहण सबसे बड़ी चुनौती थी। किसानों से संवाद कर उन्हें एयरपोर्ट के महत्व के बारे में समझाया गया। उन्होंने कहा कि किसानों ने सरकार पर भरोसा किया और उसी का परिणाम है कि आज देश का सबसे महत्वाकांक्षी एयरपोर्ट प्रोजेक्ट आकार ले चुका है।
योगी ने कहा कि चार चरणों में विकसित हो रहे एयरपोर्ट के पहले चरण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास की नई पहचान बनेगी।
जेवर ने रचा नया इतिहास
मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ वर्ष पहले जेवर क्षेत्र अपराध, अविकास और असुरक्षा की पहचान बन चुका था, लेकिन आज यह क्षेत्र निवेश, उद्योग और रोजगार का केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि बड़ी-बड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां जेवर में निवेश करना चाहती हैं। यही वजह है कि अब “कुबेर भी जेवर आना चाहते हैं।”
किसानों को मिलेगा वैश्विक बाजार का फायदा
मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का पहला बड़ा कार्गो और एमआरओ (मेंटिनेंस, रिपेयरिंग एंड ओवरहॉलिंग) हब बनने जा रहा है। इससे प्रदेश के किसान अपने फल, सब्जियां, अनाज और अन्य उत्पाद सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचा सकेंगे।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जो आम स्थानीय बाजार में 50 रुपये किलो बिकता है, वही विदेशी बाजारों में 800 से 1000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकता है। कार्गो खर्च निकालने के बाद भी किसानों की आय कई गुना बढ़ेगी।
जेवर में आएंगे दुनिया के पांच बड़े विश्वविद्यालय
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि एयरपोर्ट के आसपास फूड प्रोसेसिंग यूनिट, सेमीकंडक्टर प्लांट, डेटा सेंटर, फिल्म सिटी, टॉय पार्क, अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क और आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी विकसित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि दुनिया के पांच प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय भी जेवर क्षेत्र में अपने कैंपस स्थापित करने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे शिक्षा और कौशल विकास के नए अवसर पैदा होंगे।
युवाओं को स्थानीय स्तर पर मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर क्षेत्र में आने वाले बड़े निवेश के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन की जरूरत होगी। इसी उद्देश्य से यमुना प्राधिकरण और टाटा समूह के सहयोग से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जा रही है, जहां युवाओं को आधुनिक तकनीक और कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।
शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल सुविधाओं पर भी जोर
जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह की मांग पर मुख्यमंत्री ने डिग्री कॉलेज, ट्रॉमा सेंटर और खेल सुविधाओं के विस्तार का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा, खेल और उच्च शिक्षा के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है।
170 किसानों ने की पहली हवाई यात्रा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट के लिए भूमि देने वाले किसानों का पहली उड़ान से लखनऊ पहुंचना एक ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार जो कहती है, उसे पूरा भी करती है और किसानों को कभी निराश नहीं होने देगी।
इस कार्यक्रम में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, विधायक धीरेंद्र सिंह, अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी तथा यमुना प्राधिकरण के अधिकारी भी मौजूद रहे।



