
International News: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग करीब एक दशक बाद अमेरिका की राजकीय यात्रा पर पहुंचे हैं। बुधवार को वह अपनी पत्नी पेंग लियुआन के साथ अमेरिका पहुंचे, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर उनका स्वागत किया। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के स्वागत के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति का एयरबेस तक खुद पहुंचना आम परंपरा नहीं है, इसलिए ट्रंप का यह कदम खास तौर पर चर्चा में रहा।
शी जिनपिंग का यह दौरा 23 से 25 सितंबर तक चलेगा। उनकी यात्रा ऐसे वक्त हो रही है जब अमेरिका और चीन के रिश्ते व्यापार, तकनीक, ताइवान, दुर्लभ खनिजों और ईरान संकट जैसे कई संवेदनशील मुद्दों को लेकर महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। दोनों देशों के बीच जारी प्रतिस्पर्धा के बावजूद ट्रंप ने शी के स्वागत में व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहकर इस यात्रा को खास महत्व दिया है।
एयरबेस पर शी का रेड कार्पेट स्वागत
शी जिनपिंग के विमान के ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर उतरने के बाद ट्रंप और मेलानिया ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का स्वागत किया। स्वागत के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। चीनी राष्ट्रपति के लिए सम्मान में रेड कार्पेट बिछाया गया और अमेरिकी बच्चों ने शी और पेंग लियुआन को फूल भी भेंट किए।
ट्रंप का एयरबेस पर खुद पहुंचना इस मुलाकात का सबसे चर्चित पहलू रहा। अमेरिकी राष्ट्रपतियों द्वारा विदेशी नेताओं का स्वागत आमतौर पर व्हाइट हाउस में किया जाता है। ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर ट्रंप की मौजूदगी को अमेरिकी प्रशासन की ओर से शी की यात्रा को दिए जा रहे महत्व के संकेत के तौर पर देखा गया है।
24 सितंबर को व्हाइट हाउस में औपचारिक स्वागत
शी जिनपिंग का मुख्य राजकीय कार्यक्रम गुरुवार, 24 सितंबर को होगा। व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप और मेलानिया ट्रंप चीनी राष्ट्रपति और उनकी पत्नी का औपचारिक स्वागत करेंगे। इसके बाद सैन्य सम्मान समारोह आयोजित होगा, जिसमें अमेरिकी सेना की विभिन्न टुकड़ियां हिस्सा लेंगी।
कार्यक्रम के दौरान दोनों देशों के राष्ट्रगान बजाए जाएंगे और सैन्य प्रदर्शन भी होगा। इसके बाद ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच निजी तथा द्विपक्षीय बातचीत होगी। व्हाइट हाउस के मुताबिक समारोह के अंत में सैन्य फ्लाईओवर भी होगा, जिसमें बी-2 स्पिरिट और चार एफ-22 रैप्टर शामिल होंगे।
व्यापार से लेकर ताइवान और AI तक कई मुद्दों पर नजर
इस यात्रा में अमेरिका और चीन के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव, टैरिफ, दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रमुख विषयों में शामिल हैं। इसके अलावा ताइवान को लेकर दोनों देशों के मतभेद और ईरान में चल रहे संकट पर भी चर्चा हो सकती है।
अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा भी लगातार बढ़ी है। खासकर सेमीकंडक्टर, एआई और उन्नत तकनीक से जुड़े क्षेत्रों में दोनों देश अपनी-अपनी रणनीति मजबूत कर रहे हैं। ऐसे में ट्रंप और शी की बातचीत सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं रहने वाली है, बल्कि इसका असर व्यापक वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक संबंधों पर भी पड़ सकता है।
शी के सम्मान में व्हाइट हाउस में स्टेट डिनर
शी जिनपिंग और पेंग लियुआन के सम्मान में गुरुवार शाम व्हाइट हाउस में भव्य स्टेट डिनर का आयोजन किया जाएगा। इस डिनर में अमेरिका की राजनीति, कारोबार और टेक्नोलॉजी जगत के कई बड़े नाम शामिल होने वाले हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक एलन मस्क, जेफ बेजोस, मार्क जुकरबर्ग, सुंदर पिचाई, जेन्सेन हुआंग, सैम ऑल्टमैन और माइकल डेल जैसे टेक और बिजनेस जगत के दिग्गजों को आमंत्रित किया गया है।
स्टेट डिनर को सिर्फ औपचारिक कार्यक्रम के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इसमें अमेरिकी कारोबार और तकनीकी क्षेत्र के बड़े लोगों की मौजूदगी ऐसे समय हो रही है, जब चीन-अमेरिका संबंधों में टेक्नोलॉजी और व्यापार दोनों बेहद अहम मुद्दे बन चुके हैं।
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शुक्रवार को नेशनल आर्काइव्स जाएंगे दोनों नेता
शी जिनपिंग की तीन दिवसीय यात्रा का समापन शुक्रवार को होगा। कार्यक्रम के अनुसार ट्रंप और मेलानिया ट्रंप, शी जिनपिंग और पेंग लियुआन के साथ निजी चाय कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद दोनों जोड़े नेशनल आर्काइव्स जाएंगे, जहां अमेरिका और चीन के ऐतिहासिक संबंधों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों को देखा जाएगा।
शी जिनपिंग की अमेरिका की पिछली राजकीय यात्रा सितंबर 2015 में हुई थी। यानी करीब 11 साल बाद वह दोबारा अमेरिका की राजकीय यात्रा पर आए हैं। हालांकि, इस बार ट्रंप और शी की मुलाकात का एक और पहलू महत्वपूर्ण है—छह महीने से भी कम समय में दोनों नेताओं के बीच यह दूसरी आमने-सामने की मुलाकात है।
दोनों देशों के बीच रिश्तों में प्रतिस्पर्धा और सहयोग दोनों की तस्वीर दिखाई देती है। ऐसे में शी जिनपिंग की यह यात्रा और ट्रंप के साथ उनकी बातचीत आने वाले दिनों में अमेरिका-चीन संबंधों की दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में शामिल होगी।



