
International News: अमेरिका पहुंचे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के स्वागत समारोह में बुधवार को एक ऐसा पल देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। मैरीलैंड स्थित ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर शी जिनपिंग के औपचारिक स्वागत के दौरान अमेरिकी वायुसेना के दो B-1 बॉम्बर विमान आसमान से गुजरे। विमानों की तेज आवाज सुनते ही शी जिनपिंग कुछ क्षण के लिए चौंक गए और पीछे मुड़कर आसमान की ओर देखने लगे।
इस दौरान उनके साथ खड़े अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शांत नजर आए और उनके चेहरे पर मुस्कान दिखाई दी। स्वागत समारोह के इस पल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है। हालांकि, वीडियो में किसी व्यक्ति की मनोदशा को लेकर निश्चित निष्कर्ष निकालने के बजाय इतना कहा जा सकता है कि विमान की आवाज पर शी जिनपिंग ने पीछे मुड़कर आसमान की ओर देखा।
रेड कार्पेट से लेकर सैन्य सम्मान तक भव्य स्वागत
शी जिनपिंग 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका की राजकीय यात्रा पर हैं। लंबे अंतराल के बाद हो रही इस यात्रा को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनके स्वागत के लिए विशेष इंतजाम किए।
ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन का रेड कार्पेट के साथ स्वागत किया गया। अमेरिकी सेना की ऑनर गार्ड भी इस दौरान मौजूद रही। दोनों नेताओं की मौजूदगी में स्वागत समारोह आयोजित हुआ, जिसमें सैन्य सम्मान से जुड़े कार्यक्रम भी शामिल थे।
ट्रंप के खुद एयरबेस पहुंचकर शी जिनपिंग का स्वागत करने को इस यात्रा के महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेतों में से एक माना जा रहा है। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के स्वागत के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति का एयरबेस तक व्यक्तिगत रूप से पहुंचना आम दृश्य नहीं है।
राष्ट्रगान के बीच आसमान में दिखे B-1 बॉम्बर
स्वागत समारोह के दौरान जब दोनों देशों के राष्ट्रगान बजाए जा रहे थे, तभी अमेरिकी वायुसेना के दो B-1B लांसर बॉम्बर विमानों ने समारोह स्थल के ऊपर से उड़ान भरी। विमानों की आवाज काफी तेज थी और इसी दौरान शी जिनपिंग ने अचानक पीछे मुड़कर ऊपर की ओर देखा।
ट्रंप उस समय उनके बगल में खड़े थे और मुस्कुराते हुए नजर आए। यह पूरा घटनाक्रम कैमरों में रिकॉर्ड हो गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरों के जरिए इस पल की खूब चर्चा होने लगी।
B-1B लांसर अमेरिकी वायुसेना का लंबी दूरी का रणनीतिक बॉम्बर है। यह तेज गति से लंबी दूरी तक उड़ान भरने और भारी मात्रा में हथियार ले जाने की क्षमता के लिए जाना जाता है। हालांकि, स्वागत समारोह में इन विमानों की मौजूदगी को सैन्य प्रदर्शन से जोड़कर देखने के बजाय इसे कार्यक्रम के निर्धारित एयर शो और सैन्य सम्मान के हिस्से के रूप में देखना अधिक उचित है।
10 साल से ज्यादा समय बाद अमेरिका पहुंचे शी
शी जिनपिंग की मौजूदा अमेरिका यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह करीब 11 साल बाद अमेरिका की राजकीय यात्रा पर पहुंचे हैं। इससे पहले उन्होंने सितंबर 2015 में अमेरिका का दौरा किया था।
इस बार उनकी यात्रा ऐसे समय हो रही है जब वॉशिंगटन और बीजिंग के बीच व्यापार, तकनीक, टैरिफ, ताइवान और वैश्विक रणनीतिक मुद्दों को लेकर कई मतभेद हैं। इसके बावजूद दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की आमने-सामने की बातचीत को द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शी के अमेरिका पहुंचने से पहले ही ट्रंप प्रशासन ने उनके स्वागत को लेकर कई विशेष तैयारियां की थीं। एयरबेस पर स्वागत के बाद व्हाइट हाउस में भी चीनी राष्ट्रपति के लिए औपचारिक कार्यक्रम रखा गया है।
पुतिन के स्वागत की भी आई याद
ट्रंप का विदेशी नेताओं के स्वागत समारोह में अमेरिकी सैन्य विमानों को शामिल करना पहले भी देखने को मिला है। अगस्त 2025 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अमेरिका यात्रा के दौरान भी अमेरिकी सैन्य विमानों की उड़ान ने ध्यान खींचा था।
उस समय B-2 स्टेल्थ बॉम्बर और F-35 लड़ाकू विमानों ने आसमान में उड़ान भरी थी। उस स्वागत समारोह की तस्वीरें और वीडियो भी काफी चर्चा में रहे थे। अब शी जिनपिंग के स्वागत के दौरान B-1 बॉम्बर की उड़ान ने उस घटना की याद ताजा कर दी है।
हालांकि दोनों मौकों की परिस्थितियां अलग थीं और सैन्य विमान किस उद्देश्य से कार्यक्रम में शामिल किए गए, इसका संदर्भ संबंधित आधिकारिक कार्यक्रमों से ही देखा जाना चाहिए।



