Entertainment News: नीम करोली बाबा के भक्त हैं वीरेंद्र सहवाग, ‘हनुमान अंश’ देखकर हुए भावुक, बताया कैसे मिली महाराज जी की कृपा

2 करोड़ के बजट में बनी फिल्म ने 27 दिनों में की 60 करोड़ से ज्यादा की कमाई, पूर्व क्रिकेटर ने फिल्म को बताया संत को समर्पित सुंदर ट्रिब्यूट

Entertainment News: नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाए हुए है। महज दो करोड़ रुपये के छोटे से बजट में बनी इस फिल्म ने महज 27 दिनों के भीतर 60 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार कर सबको हैरान कर दिया है। इसी बीच भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने भी इस फिल्म को लेकर अपने भावुक अनुभव साझा किए हैं।

छोटे बजट ने रचा बड़ा कमाल

‘हनुमान अंश’ की कहानी की शुरुआत में इसे व्यापारिक विश्लेषकों ने फ्लॉप तक करार दे दिया था। लेकिन दर्शकों के बीच फैली माउथ पब्लिसिटी ने इस फिल्म की किस्मत ही बदल दी। धीरे-धीरे इसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि सिर्फ 27 दिनों में इसने 60 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली, जो इसके बजट के मुकाबले कई गुना ज्यादा है।

इस फिल्म की सफलता ने एक बात साफ तौर पर साबित कर दी है कि आध्यात्मिक और संतों के जीवन पर बनी कहानियों के प्रति दर्शकों में आज भी गहरी दिलचस्पी बनी हुई है। जिसने भी यह फिल्म देखी, वह इसका मुरीद हो गया।

सहवाग ने साझा किए अपने निजी अनुभव

पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए इस फिल्म को लेकर अपने विचार रखे। सहवाग ने बताया कि उनके कुछ बेहद करीबी दोस्त पिछले करीब एक दशक से नीम करोली बाबा महाराज जी के अनन्य भक्त रहे हैं। यही वजह है कि पिछले दस सालों से वे भी लगातार महाराज जी के बारे में पढ़ते-सुनते रहे हैं और उनके व्यक्तित्व से गहराई से जुड़ाव महसूस करते आए हैं।

सहवाग के मुताबिक, महाराज जी की करुणा, उनकी असीम कृपा और उनके भक्तों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव यह बताते हैं कि उनका आध्यात्मिक प्रभाव कितना गहरा और व्यापक था।

फिल्म को बताया ‘सुंदर ट्रिब्यूट’

सहवाग ने बताया कि उन्होंने हाल ही में ‘हनुमान अंश’ फिल्म देखी है। उनके मुताबिक, इतनी सीमित समयावधि की फिल्म में महाराज जी जैसे विशाल व्यक्तित्व को समेट पाना आसान काम नहीं था, लेकिन फिल्ममेकर्स ने इसे बेहद खूबसूरती और संवेदनशीलता के साथ लिखा और फिल्माया है। उन्होंने इसे नीम करोली बाबा को समर्पित एक बेहद सुंदर ट्रिब्यूट करार दिया।

सहवाग ने फिल्म के एक खास दृश्य का भी जिक्र किया, जिसमें एक भक्त महाराज जी के गले में सांप देखकर उन्हें भोलेनाथ कह बैठता है। इस पर महाराज जी का जवाब था कि भोले तो असल में देखने वाला खुद है, क्योंकि आंखें वही देखती हैं जो मन में पहले से बसा होता है।

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‘कृपा को समझना नहीं, महसूस करना जरूरी’

अपने वीडियो के कैप्शन में सहवाग ने लिखा कि महाराज जी की लीलाएं इतनी निराली हैं कि उन्हें पूरी तरह से समझ पाना इंसानी बुद्धि की सीमाओं से परे है। हालांकि उनकी कृपा और आशीर्वाद को अपने जीवन में महसूस करना जरूर संभव है।

सहवाग ने आगे लिखा कि ‘हनुमान अंश’ एक महान संत की अद्भुत आध्यात्मिक यात्रा को पर्दे पर बेहद खूबसूरती से उतारती है, और इसे हर किसी को जरूर देखना चाहिए। उनके मुताबिक, इस फिल्म की कामयाबी ने यह भी साबित किया है कि अगर कहानी और भावनाएं सच्ची हों, तो छोटे बजट में बनी फिल्में भी दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ सकती हैं।

आगे क्या

‘हनुमान अंश’ की यह सफलता अब सिनेमा जगत के लिए भी एक मिसाल बन गई है, जहां बड़े बजट और स्टारकास्ट के बिना भी सच्ची और भावनात्मक कहानियां दर्शकों को थिएटर तक खींच सकती हैं। फिल्म का कारोबार अभी भी जारी है, ऐसे में आने वाले दिनों में इसके कुल कलेक्शन में और इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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