
UP Weather: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सोमवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश का दौर देखने को मिला। पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिमी यूपी तक कई जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई। कई इलाकों में झमाझम बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के दौरान प्रदेश के 55 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश का असर साफ दिखाई दिया। सबसे अधिक बारिश सोनभद्र में दर्ज की गई, जहां दोपहर तक 147.2 मिलीमीटर पानी बरसा। इसके अलावा बरेली में 141 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। प्रयागराज में 126 मिलीमीटर, रायबरेली में 88.4 मिलीमीटर, लखीमपुर खीरी में 84 मिलीमीटर और शाहजहांपुर में 80.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इन जिलों में भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।
राजधानी लखनऊ समेत दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के जिलों में भी सोमवार को अच्छी बारिश हुई। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और कई इलाकों में बारिश का दौर चलता रहा। बारिश के कारण सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, लगातार बढ़ते तापमान और उमस से परेशान लोगों को बारिश से काफी राहत मिली।
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम बंगाल के आसपास बने नए कम दबाव वाले क्षेत्र के प्रभाव से मानसून की सक्रियता बढ़ी है। इसी सिस्टम के चलते उत्तर प्रदेश में बारिश का सिलसिला तेज हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है। फिलहाल 20 अगस्त तक प्रदेश में बारिश का दौर बने रहने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने 17 और 18 अगस्त को प्रदेश के 55 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में बारिश के साथ तेज गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। ऐसे में लोगों को मौसम खराब होने के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी गई है। खासकर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को बिजली चमकने के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
बारिश का यह दौर किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगस्त के महीने में होने वाली बारिश खरीफ की फसलों के लिए काफी उपयोगी होती है। धान समेत कई फसलों के लिए पर्याप्त बारिश जरूरी है। हालांकि, बहुत अधिक बारिश होने की स्थिति में खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान भी हो सकता है। ऐसे में किसानों को मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। शहरी क्षेत्रों में भी जल निकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की संभावना है। बारिश के दौरान सड़क पर दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों को सावधानी से वाहन चलाने की जरूरत होगी। तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना भी बेहतर रहेगा।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पूर्वी यूपी में भी मानसून की सक्रियता बनी हुई है। सोनभद्र में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज होना इस बात का संकेत है कि पूर्वी हिस्से में भी मानसून मजबूत है। वहीं बरेली समेत पश्चिमी यूपी के कई जिलों में भी भारी बारिश हुई है। आने वाले दिनों में बारिश का दायरा और बढ़ सकता है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 20 अगस्त तक उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश तो कुछ जगहों पर मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम में बदलाव के साथ तापमान में भी गिरावट देखने को मिल सकती है।
फिलहाल प्रदेश में मानसून की सक्रियता ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत जरूर दी है, लेकिन भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर जिन जिलों के लिए भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहां जलभराव, आकाशीय बिजली और यातायात प्रभावित होने जैसी परिस्थितियों को लेकर सावधानी बरतनी होगी। अगले 48 घंटे उत्तर प्रदेश के मौसम के लिहाज से काफी अहम माने जा रहे हैं।



