
Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रदेश के 200 राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में आधुनिक मानकों के अनुरूप पंचकर्म यूनिट स्थापित की जा रही हैं। इसी योजना के तहत गौतमबुद्धनगर जिले के भाईपुर ब्राह्मण स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय को पंचकर्म केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस सिलसिले में प्रमुख सचिव आयुष विभाग रंजन कुमार, आईएएस ने 10 अक्टूबर को सुबह चिकित्सालय का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, पंचकर्म इकाई की कार्यप्रणाली और मरीजों को दी जा रही सेवाओं की समीक्षा की।
पंचकर्म हट और आयुष वाटिका बनाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने चिकित्सालय परिसर में पंचकर्म हट स्थापित करने और औषधीय पौधे लगाकर आयुष वाटिका विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचकर्म सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे के साथ प्रशिक्षित कर्मचारियों, मानक उपकरणों और आवश्यक औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने चिकित्सालय में मौजूद संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और मरीजों को उपचार के दौरान सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
पुरानी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को मिलेगा लाभ
आयुष विभाग का उद्देश्य पंचकर्म और अन्य आयुर्वेदिक सेवाओं के जरिए मरीजों को जरूरत के अनुसार उपचार तथा परामर्श उपलब्ध कराना है। निर्देशों में मधुमेह, गठिया, कमर दर्द, सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस, मोटापा और जीवनशैली से जुड़ी अन्य समस्याओं का उल्लेख किया गया।
प्रमुख सचिव ने कहा कि पंचकर्म केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं का समुचित इस्तेमाल होना चाहिए, ताकि मरीजों को उनकी जरूरत के अनुरूप सेवाएं मिल सकें। उपचार के साथ उचित चिकित्सकीय परामर्श को भी महत्वपूर्ण बताया गया।
दवाओं की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय में औषधियों के स्टॉक और उनके वितरण की व्यवस्था भी देखी गई। प्रमुख सचिव ने अधिकारियों तथा चिकित्सकों को निर्देश दिया कि मरीजों को उपलब्ध सभी चिकित्सा सेवाओं का लाभ व्यवस्थित तरीके से मिले।
उन्होंने अस्पताल में साफ-सफाई बनाए रखने और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने को भी कहा। इसके साथ ही उपचार प्रक्रिया और सुविधाओं में आवश्यक सुधार करने पर जोर दिया।
आयुष वेलनेस और चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर
प्रमुख सचिव ने आयुर्वेदिक उपचार और पंचकर्म सेवाओं को बेहतर ढंग से जोड़कर आयुष वेलनेस को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। इसके साथ ही चिकित्सा पर्यटन के विकास और जनस्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में काम करने पर जोर दिया।
विभाग की योजना है कि पंचकर्म केंद्रों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराकर आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं का दायरा बढ़ाया जाए। इससे प्रदेश में आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को प्रोत्साहन देने के प्रयासों को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेदिक सेवाओं पर विभाग का फोकस
उत्तर प्रदेश में 200 राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में पंचकर्म यूनिट स्थापित करने की पहल के तहत आधारभूत सुविधाओं, मानव संसाधन और उपचार संबंधी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
भाईपुर ब्राह्मण स्थित चिकित्सालय का निरीक्षण इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। विभाग की ओर से दिए गए निर्देशों का उद्देश्य पंचकर्म केंद्रों को व्यवस्थित करना और मरीजों को बेहतर आयुर्वेदिक उपचार तथा परामर्श उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करना है।
written by Siddhi Srivastava



