
International News: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 2028-29 की अस्थायी सदस्यता हासिल करने के लिए भारत ने अपना आधिकारिक वैश्विक अभियान शुरू कर दिया है। न्यूयॉर्क में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ‘SHANTI’ (Securing Holistic Advancement through Norms, Trust and Integrity) अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि भारत केवल ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की बात नहीं करता, बल्कि दुनिया के हर संकट में मदद करके इसे व्यवहार में भी साबित करता है।
यह अभियान ऐसे समय में शुरू हुआ है जब दुनिया यूक्रेन युद्ध, गाजा संघर्ष और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। भारत इस मंच के जरिए खुद को वैश्विक शांति, विकास और भरोसेमंद साझेदारी का मजबूत प्रतिनिधि बताने की कोशिश कर रहा है।
जयशंकर ने गिनाईं भारत की वैश्विक उपलब्धियां
अभियान की शुरुआत के दौरान एस. जयशंकर ने कहा कि भारतीय नौसेना अरब सागर, अदन की खाड़ी, मलक्का जलडमरूमध्य और गिनी की खाड़ी जैसे रणनीतिक समुद्री मार्गों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रही है। भारत समुद्री डकैती, ड्रग्स तस्करी और मानव तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा केंद्र (CUNPK) में 98 देशों के सैनिकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा भारत ने श्रीलंका, जमैका, अफगानिस्तान, तंजानिया, मेडागास्कर, मालदीव, फिजी और पापुआ न्यू गिनी सहित कई देशों को प्राकृतिक आपदाओं और स्वास्थ्य संकट के दौरान राहत सामग्री, दवाइयां और वैक्सीन उपलब्ध कराईं।
विकासशील देशों की आवाज बनने का दावा
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत हमेशा विकासशील देशों के हितों को वैश्विक मंच पर मजबूती से उठाता रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि भारत की पहल पर ही अफ्रीकी संघ को जी-20 का स्थायी सदस्य बनाया गया। आज भारत एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के 100 से अधिक देशों के साथ विकास साझेदारी के कार्यक्रम चला रहा है।
अगले साल ताजिकिस्तान से होगा मुकाबला
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 2028-29 की अस्थायी सीट के लिए चुनाव अगले साल जून में होंगे। एशिया-प्रशांत समूह की इस सीट पर भारत का सीधा मुकाबला ताजिकिस्तान से होगा। भारत का मानना है कि ‘SHANTI’ अभियान वैश्विक विश्वास, पारदर्शिता और सहयोग को मजबूत करने में मदद करेगा।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव से भी मिले जयशंकर
न्यूयॉर्क दौरे के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस से भी मुलाकात की। इससे पहले वह कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान के दौरे पर थे। इसके बाद वे भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद की बैठक में हिस्सा लेने के लिए ब्रुसेल्स जाएंगे।
बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच भारत की रणनीति
भारत का यह अभियान ऐसे समय में शुरू हुआ है जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग तेज हो रही है। भारत लगातार यह कहता रहा है कि 1945 में बनी सुरक्षा परिषद की वर्तमान संरचना 21वीं सदी की वैश्विक वास्तविकताओं का पूरी तरह प्रतिनिधित्व नहीं करती। ऐसे में UNSC की अस्थायी सदस्यता के लिए भारत का ‘SHANTI’ मिशन उसकी वैश्विक कूटनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।



