
Donald Trump: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को समाप्त कराने की कोशिशों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की शांति समझौते के लिए सहमत हुए हैं। ट्रंप ने अपने बयान में यहां तक कहा कि दोनों नेता इसलिए राजी हुए, क्योंकि उन्होंने उनसे ऐसा करने को कहा था।
हालांकि, जब पत्रकार ने बताया कि मॉस्को और कीव की ओर से किसी समझौते की सार्वजनिक पुष्टि नहीं की गई है, तब भी ट्रंप अपने दावे पर कायम रहे। फिलहाल, दोनों देशों के बीच किसी अंतिम शांति समझौते पर सहमति बनने की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
‘इस बेतुके युद्ध को खत्म करना होगा’
ओहायो में मध्यावधि चुनाव के प्रचार कार्यक्रम के लिए रवाना होने से पहले ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि रूस और यूक्रेन के नेताओं को एक साथ बैठकर युद्ध समाप्त करने का रास्ता निकालना चाहिए।
ट्रंप ने युद्ध में हो रहे नुकसान का उल्लेख करते हुए संघर्ष को अनावश्यक बताया। उन्होंने कहा कि इस महीने युद्ध में 32 हजार लोगों के मारे जाने की बात सामने आई है और इस तरह के नुकसान को रोकना जरूरी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उन्हें युद्धविराम के कथित उल्लंघनों की पूरी जानकारी नहीं है। वह इन रिपोर्टों की समीक्षा करेंगे, लेकिन उनका मानना है कि संघर्ष का समाधान निकालने के लिए पुतिन और जेलेंस्की को बातचीत करनी होगी।
‘वे सहमत हुए, क्योंकि मैंने कहा’
जब पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि दोनों देशों ने किसी समझौते की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, तो उन्होंने कहा कि सहमति बन चुकी है। अपने दावे को स्पष्ट करते हुए ट्रंप ने कहा कि दोनों नेता इसलिए सहमत हुए, क्योंकि उन्होंने उनसे ऐसा करने को कहा था।
ट्रंप ने यह भी जोर दिया कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष को किसी नतीजे तक पहुंचाना जरूरी है। हालांकि, उनके बयान से यह स्पष्ट नहीं हुआ कि दोनों देशों के बीच किस समझौते पर सहमति बनी है, उसकी शर्तें क्या हैं और उसे लागू करने की प्रक्रिया कब शुरू होगी।
पुतिन समझौते के लिए ज्यादा इच्छुक: ट्रंप
रूस और यूक्रेन के बीच प्रस्तावित ‘एनर्जी सीजफायर’ को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि दोनों पक्ष समझौता चाहते हैं, लेकिन उन्हें अंतिम सहमति तक पहुंचने के लिए मदद की जरूरत है।
उन्होंने दावा किया कि पुतिन, जेलेंस्की की तुलना में समझौते के लिए ज्यादा उत्सुक दिखाई देते हैं। यह ट्रंप का आकलन है; रूस और यूक्रेन की ओर से इस बारे में क्या आधिकारिक रुख अपनाया गया है, इसे अलग से देखना जरूरी होगा।
प्रस्तावित एनर्जी सीजफायर का उद्देश्य ऊर्जा से जुड़े ठिकानों पर हमलों को रोकने की दिशा में सहमति बनाना है। ऐसे किसी समझौते की वास्तविक स्थिति और उसके क्रियान्वयन को लेकर दोनों देशों के आधिकारिक बयानों का महत्व बना रहेगा।
युद्धविराम उल्लंघन के आरोपों पर करेंगे जांच
ट्रंप से जब उन रिपोर्टों के बारे में पूछा गया, जिनमें प्रस्तावित युद्धविराम के बावजूद रूस की ओर से हमले जारी रहने का आरोप लगाया गया था, तो उन्होंने कहा कि वह मामले को देखेंगे। साथ ही उन्होंने दावा किया कि युद्धविराम के उल्लंघन दोनों पक्षों की ओर से हुए हैं।
दूसरी ओर, यूक्रेन ने मॉस्को पर प्रस्तावित ऊर्जा युद्धविराम के बावजूद हमले जारी रखने का आरोप लगाया है। ट्रंप ने इन रिपोर्टों पर अंतिम निष्कर्ष देने के बजाय पहले उनकी जांच करने की बात कही।
शांति समझौते पर अब भी बनी हुई है अनिश्चितता
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समाप्त कराने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास जारी हैं। ट्रंप के ताजा बयान से शांति समझौते की संभावना को लेकर चर्चा जरूर तेज हुई है, लेकिन केवल उनके दावे के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि समझौता अंतिम रूप ले चुका है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि मॉस्को और कीव इस दावे पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं, प्रस्तावित एनर्जी सीजफायर को लेकर कोई औपचारिक घोषणा होती है या नहीं और युद्धविराम उल्लंघन के आरोपों पर जांच के बाद क्या स्थिति सामने आती है।
written by Siddhi Srivastava



