
अल्लापुर रामलीला कमेटी की रामलीला का प्रारंभ मा.न्यायमूर्ति नीरज तिवारी (से.नि.) , हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के नव निर्वाचित अध्यक्ष डा.सी पी उपाध्याय (वरिष्ठ अधिवक्ता) द्वारा संयुक्त रूप से भगवान श्री गणेश के पूजन से प्रारंभ हुआ। बुधवार के प्रसंग में श्रीराम सीता के विवाह की सूचना पर राजा दशरथ बारात लेकर जनकपुरी आते हैं, जहां चारों भाइयों का विवाह क्रमश सीता, उर्मिला, मांडवी एवं श्रुतिकीर्ति के साथ होता है। इसी के उपरांत राजा दशरथ चारों पुत्रों एवं पुत्रवधुओं के साथ अवधपुरी आते हैं। जहां हर्षोल्लास के साथ उत्सव मनाया जाता है , राज दरबार की तरफ से भेंट एवं उपहार प्रजा में बाँटे जाते हैं ।
कुछ दिवस उपरांत राजा दशरथ अपनी वृद्धावस्था के कारण श्रीराम का राज्यभिषेक करने की अपनी इच्छा राजगुरु वशिष्ठ से प्रकट करते हैं। राज भवन की ओर से यह सूचना और मुहूर्त के अनुसार नियत तिथि की घोषणा की जाती है। घोषणा के होते ही पूरी अवधपुरीवासी हर्ष एवं उल्लास से ओत प्रोत हो अवध नरेश की जय जयकार करते है। रामराज की अभिलाषा करते हुए उत्सव की तैयारी में लग जाते है । इस अवसर पर ऋषिशंकर द्विवेदी,संचालन मंडल समिति के सदस्यगण चंदन भट्ट,ओम प्रकाश मिश्र,(बच्चा भैया), राजू केसरवानी,आचार्य राजेश त्रिपाठी,भानु पटेल,वीरेंद्र तिवारी,रत्नेश दुबे, अमरचंद्र जैन , शिवम पांडेय, कक्कू पाण्डेय, दिलीप पासी,विकास केसरवानी , मोहन कुशवाहा, विशाल सोनकर , अमित त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में जन मानस और राम जी के रूप में शिवा कुमार, लक्ष्मण के रूप में दीपेंद्र सिंह, सीताजी के रूप में सृष्टि जाना रहीं , राजा दशरथ के रूप में धनंजय तिवारी तथा रामलीला निर्देशन प्रख्यात निर्देशिका प्रिया मिश्रा ने किया ।
रिपोर्ट: आकाश त्रिपाठी



